कोलकाता - राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने रविवार को यहां अपने गुरु देवरंजन मुखर्जी की स्मृति में व्याख्यान देते हुए कहा कि जब तक देश में विश्वस्तरीय शैक्षणिक संस्थान स्थापित नहीं होंगे, तब तक भारत दुनिया के श्रेष्ठ देशों में शुमार नहीं हो सकता है। श्री मुखर्जी ने यह भी कहा कि हाल के वर्षों में देश में उच्च शिक्षा का काफी विस्तार हुआ है और आज अपने देश में 712 विवि तथा 36000 से अधिक कॉलेज हैं, लेकिन हाल तक दुनिया में श्रेष्ठ 200 शैक्षणिक संस्थानों में एक भी भारतीय संस्थान की गिनती नहीं होती थी।