नई दिल्ली – यशवंत सिन्हा ने दो टूक कहा कि उन्हें पाकिस्तान से दोबारा बातचीत के भारत के फैसले का कोई औचित्य समझ में नहीं आता। उन्होंने कहा कि आखिर पाकिस्तान के रुख में किस तरह का सकारात्मक बदलाव आया है। आतंकवाद सहित तमाम मुद्दों पर वह अपने पुराने रुख पर कायम है।
ऐसे में समग्र वार्ता के लिए भारत की हामी उनकी समझ से परे है। उन्होंने यह भी कहा कि खुद प्रधानमंत्री ने अपनी नीति क्यों बदल ली यह बात भी समझना आसान नहीं है। पीएम मोदी की पाकिस्तान यात्रा के संदर्भ में भी सिन्हा नसीहत देना नहीं भूले। उन्होंने कहा कि सार्क सम्मेलन में हिस्सा लेने पाकिस्तान जाना गलत नहीं है। मगर पीएम को पाकिस्तान के साथ द्विपक्षीय वार्ता से बचना चाहिए।