नई दिल्ली - देश मंत्री सुषमा स्वराज सोमवार को संसद के दोनों सदनों में अपने पाकिस्तान दौरे और इस दौरान दोनों देशों की ओर से लिए गए फैसलों पर बयान देंगी। विदेश मंत्री पहले राज्यसभा में और इसक बाद लोकसभा में बयान देंगी। इसके बाद उनके बयान पर संसद में चर्चा भी होगी। विपक्ष ने पाकिस्तान पर अपने स्टैंड से पलटने के मामले में सरकार को निशाने पर लेने का फैसला किया है।
दोनों देशों के रिश्तों में अचानक आए नाटकीय परिवर्तन की शुरुआत जलवायु परिवर्तन पर होने वाले सम्मेलन में शिरकत करने पेरिस गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपने पाकिस्तानी समकक्ष नवाज शरीफ से हुई मुलाकात के बाद शुरू हुई। इसके बाद दोनों देशों के बीच न केवल राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार स्तर की बातचीत हुई, बल्कि सरकार ने पाकिस्तान में अफगानिस्तान पर होने वाली बैठक में विदेश मंत्री को शिरकत करने इस्लामाबाद भेजा। यहां दोनों देश समग्र वार्ता के लिए राजी हुए।
फिर समग्र वार्ता का एजेंडा तय करने के लिए अगले साल जनवरी महीने में विदेश सचिव स्तर की वार्ता को भी हरी झंडी दे दी गई। मिली जानकारी के मुताबिक संसद में अपने बयान में विदेश मंत्री न केवल अपने पाकिस्तान दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच बनी सहमति की जानकारी देंगी, बल्कि पाकिस्तान से बातचीत के फैसले के पक्ष में भी तर्क देंगी। बयान के तत्काल बाद इस पर चर्चा शुरू होगी।