नई दिल्ली - रक्षा मंत्री मनोहर परिकर के मुताबिक सैनिकों को अपना जीवन कुर्बान करने की बजाय दुश्मनों की जान लेने के लिए कहना चाहिए। अपने जन्मदिवस पर पार्टी की ओर से आयोजित कार्यक्रम के दौरान परिकर ने कहा कि यह कहा जाता है कि सैनिक देश के लिए अपना जीवन न्यौछावर करने को तैयार हैं। मैं इसके खिलाफ हूं। मरना नहीं, दुश्मन को मारना चाहिए।
पिछले एक साल का रिकॉर्ड देखने पर परिणाम सामने आ जाएगा। इस साल भारत-म्यांमार सीमा पर उग्रवादियों के खिलाफ हुई कार्रवाई का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि भारतीय सैनिकों के शहीद होने के तीन घंटे के भीतर एक बैठक हुई थी। परिकर के अनुसार उन्हें गृह मंत्री राजनाथ सिंह का भी समर्थन मिला और पूरे अभियान को गुप्त रखा गया।