बेतहाशा बढ़ रहे प्रॉपर्टी के दामों पर लगाम कैसे लगाई जाए
सतपाल सिंह व गुरपाल सिंह ने अपनी आपबीती सुनाते हुए लोअर व मिडल इनकम ग्रुप के रेजिडेंट्स को अपने सपनों का आशियाना बनाने के लिए एक चेकलिस्ट बनकर ही प्रॉपर्टी में खरीदने की सलाह दी । उनका कहना है कि हम तो ठगे गए आप सब ना ठगे जाएं ।
सतपाल व गुरपाल ने बताया कि उन्होंने भी आम खरीदारों की तरह एक बिल्डर का इश्तिहार देखकर अपनी प्रॉपर्टी बुक कराई थी और लगातार किस्तों में पैसे जमा कर आते रहे लेकिन जब पोजीशन का समय आया तो हाथ में झुनझुना मिला और बिल्डर देश छोड़कर भाग गया और हमारे जानकारों ने उनसे दुबई में एक आलीशान नाइट क्लब में भेंट हुई , जिनके वह मालिक बताई जा रहे हैं इसकी जानकारी ई डी और सीबीआई के पास क्यों नहीं है , हम पूरी जानकारी देने को तैयार हैं । आखिर रेरा होने के बावजूद आम जनता के 3000 करोड़ रुपए क्यों नहीं मिल रहे हैं वापस, जी हां हम जी बी पी ग्रुप की बात कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि करोड़ों रुपए गंवाकर उन्हें समझ आई है कि कैसे बिल्डर और फाइनेंसर भोले भाले लोगों को अपनी हाउसिंग स्कीम में फंसा कर करोड़ों रुपए ऐंठ रहे हैं।
चेक लिस्ट
टाइटल व ओनर वेरिफिकेशन जरूरी है , यदि री सेल है तो चैनल डॉक्युमेंट चेक करें।
सारी पमेंट चेक या बैंक ट्रांसफर के माध्यम से करें
सिर्फ रेडी पोजीशन वाला प्लॉट या फ्लैट ही खरीदें, सेल डीड व एंकम्बररेंसेस सर्टिफिकेट जरूरी है।
सोसायटी मेंटेनेंस नगर निगम में होनी चाहिये
रेरा नंबर आवश्यक है
क्या है मामला
सतपाल सिंह व गुरपाल सिंह ने जीबीपी ग्रुप के एयरपोर्ट रोड पर शोरूम बुक करने के लिए 23 लाख रुपए एडवांस के तौर पर जे डब्लूए मैरियट होटल में सतीश गुप्ता को नगद नवंबर 2020 में दिए जिसकी रसीद उनके पास है और वह लगातार जीबीपी ग्रुप के पीड़ित लोगों के संपर्क में थे उन्होंने इस मामले की पैरवी पहले इसलिए नहीं की क्योंकि ग्रुप के सभी मलिक भगौड़ा हैं और देश छोड़कर बाहर भागे हुए हैं लेकिन अब उन्हें जानकारी मिली है तो उन्होंने एस एस पी चंडीगढ़ को शिकायत कर मामले की पैरवी शुरू की है