चंडीगढ़ - सी.आर.बी. पब्लिक स्कूल, सेक्टर-7 का वार्षिकोत्सव ‘झंकार’ टैगोर थिएटर में बड़े हर्षोल्लास और उत्साह के साथ आयोजित किया गया। समारोह का शुभारंभ विद्यालय के डायरेक्टर श्री नवीन कुमार मित्तल जी एवं प्रधानाचार्या श्रीमती संगीता मित्तल जी ने दीप प्रज्वलित करके किया। इसके पश्चात विद्यार्थियों ने नौ देवियों का स्वरूप धारण कर रक्तबीज-वध पर आधारित देवी-वंदना प्रस्तुत की। इस प्रस्तुति के माध्यम से संदेश दिया गया कि जब-जब अधर्म बढ़ता है, तब-तब देवी विभिन्न रूप धारण कर बुराई का नाश करती हैं। सूफी और जुगनी नृत्य के साथ-साथ खेलों पर आधारित नृत्य भी प्रस्तुत किया गया। इसके माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली, अनुशासन, खेल भावना और जीवन में स्वास्थ्य के महत्त्व को दर्शाया गया।
नन्हे-मुन्ने विद्यार्थियों ने स्वागत गीत पर मनमोहक प्रस्तुति देकर सभी अतिथियों का अभिनंदन किया। बाल कलाकारों की मासूम अदाओं, आकर्षक नृत्य और आत्मविश्वास से भरपूर प्रस्तुतियों ने दर्शकों के चेहरों पर मुस्कान बिखेर दी। ‘चाइल्ड ऑफ गॉड’, ‘कैंडी मैन’ और ‘नाचो-नाचो’ जैसी प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में चार-चाँद लगा दिए। वहीं, ‘मेरे घर राम आए’ प्रस्तुति में दीपावली की थीम को सुंदर ढंग से दर्शाया गया, जिसने पूरे थिएटर को दीपावली के उल्लास से सराबोर कर दिया।
देशभक्ति पर आधारित प्रस्तुति के माध्यम से विद्यार्थियों ने राष्ट्रप्रेम का संदेश दिया। गुजराती लोकनृत्य और हिमाचल प्रदेश के नाटी नृत्य के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों की समृद्ध लोक-संस्कृति को मंच पर जीवंत किया गया। ‘अलादीन’ पर आधारित नृत्य ने कल्पना और रोमांच की दुनिया से परिचित कराया। वहीं, ‘ओल्ड इज़ गोल्ड’ थीम पर आधारित प्रस्तुति ने सोशल मीडिया के दौर से पहले के उस समय को दर्शाया, जब लोग एक-दूसरे के सुख-दुख में शामिल होते थे और आपसी मेलजोल को महत्त्व देते थे। इस प्रस्तुति के माध्यम से आज के समय में मोबाइल फोन और सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव के कारण कम होते व्यक्तिगत संवाद की ओर भी ध्यान आकर्षित किया गया। भांगड़ा प्रस्तुति ने पूरे वातावरण को उत्साह और उमंग से भर दिया तथा दर्शकों को भी झूमने पर मजबूर कर दिया।
कार्यक्रम में सामाजिक और शैक्षिक संदेशों पर आधारित प्रस्तुतियों ने भी दर्शकों को प्रभावित किया। ‘मेहनत करो, सपने देखो’ प्रस्तुति के माध्यम से विद्यार्थियों को परिश्रम, आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प का महत्त्व समझाया गया। एक अन्य प्रस्तुति में स्वस्थ खान-पान के महत्त्व तथा अत्यधिक मिठाइयों के सेवन से होने वाले स्वास्थ्य संबंधी नुकसानों के प्रति जागरूक किया गया। इसके अतिरिक्त, शिक्षकों के महत्त्व पर आधारित प्रस्तुति के माध्यम से विद्यार्थियों को अपने अध्यापकों का सम्मान करने तथा उनके मार्गदर्शन और योगदान को महत्त्व देने की प्रेरणा दी गई। खुशियां त्योहारों की, ग्लोबल वार्मिंग, विज्ञापनों का युवा वर्ग पर पड़ते प्रभाव को भी बड़ी बखूबी से विद्यार्थियों ने मंच पर प्रस्तुत किया।
पूरे कार्यक्रम में विद्यार्थियों की मेहनत, अनुशासन, रचनात्मकता और टीम भावना स्पष्ट रूप से दिखाई दी। शिक्षकों और कोरियोग्राफर्स की टीम के मार्गदर्शन में तैयार की गई प्रस्तुतियों ने कला, संस्कृति, आत्मविश्वास और सामूहिक सहयोग के महत्त्व को प्रभावशाली ढंग से रेखांकित किया।
समारोह के समापन पर विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती संगीता मित्तल जी ने अपने संबोधन में कहा कि मेहनत, लगन और आत्मविश्वास के बल पर जीवन में किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। जिसका जीवंत उदाहरण हमारे विद्यालय के विद्यार्थी हैं, जिन्होंने शिक्षा के साथ-साथ खेलों में भी चंडीगढ़ और राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए अनेक मेडल जीतकर विद्यालय का नाम रोशन किया है। इन उपलब्धियों को सम्मान देते हुए उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को समारोह के दौरान मंच पर सम्मानित भी किया गया। श्री नवीन कुमार मित्तल ने कहा कि वार्षिकोत्सव ‘झंकार’ का उद्देश्य केवल मनोरंजन करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व, रचनात्मकता, आत्मविश्वास और सांस्कृतिक मूल्यों का समग्र विकास सुनिश्चित करना भी है।