चंडीगढ़। उच्च न्यायालय से सटे कांसल में डॉ संदीप द्वारा संचालित एक्यूपंक्चर संस्थान ने एक निशुल्क शिविर का आयोजन किया। ये दो दिवसीय शिविर एक्यूपंक्चर की विशिष्ट विधा से परिचय कराती इस पद्धति के कई आयाम लिए थी।
भारतीय चिकित्सा मिशन के तत्वाधान शिविर का आयोजन एक्यूपंक्चर हीलिंग सेंटर और अवेकन कॉन्शियस लिविंग के सहयोग से किया जा रहा है। शिविर में एक्यूपंक्चर, मानसिक स्वास्थ्य देखभाल और समग्र स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता पर विशेष जोर दिया जाएगा।
इसके माध्यम से लोगों को दर्द से राहत, तनाव प्रबंधन, भावनात्मक स्वास्थ्य और बेहतर जीवनशैली के महत्व के बारे में जानकारी देने का प्रयास किया जाएगा। आयोजन का उद्देश्य शरीर और मन के स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा समग्र कल्याण को प्रोत्साहित करना है।
शिविर शनिवार और रविवार को सुबह 10 से दोपहर 2 बजे तक का आयोजन लिए इस विद्या के गुरु डॉ. इंद्रजीत सिंह को आमंत्रित किए इस विधा की बारीक जानकारी से अवगत कराती अपना औचित्य लिए थी। आयोजन को डॉ. द्वारकानाथ कोटनीस हेल्थ एंड एजुकेशन सेंटर के संस्थापक डॉ. इंद्रजीत एवं भावनात्मक बंधन और मानसिक तनाव के दुष्प्रभाव का हमारे स्वास्थ्य के पहलू पर बेबाक चिंतन लिए डॉ नीरज के विचार विशेष आकर्षण रहे।
डॉ. संदीप अपने अनुभवों का हवाला देते चंडीगढ़ में इस पद्धति के निरंतर प्रयास और सकारात्मक सफ़ल होने और लोगों के बढ़ते विश्वास से इसकी विश्वसनीयता से संतुष्ट नज़र आए । वहीं डॉ. इंद्रजीत सरकार से सहयोग का अनुरोध लिए इस विधा को अभी लंबा रास्ता मानते हैं। हमारी अपनी बेमिसाल इलाज की विधा के लिए वह शिक्षा संस्थान के सरकारी सहयोग को तलाशते सार्थक उम्मीद भी लिए हैं ।
एक लंबी बातचीत से डॉ. इंद्रजीत ने भूतपूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, मंत्री राजनाथ सिंह और भूतपूर्व बीजेपी अध्यक्ष नड्डा के अपने निजी अनुभवों से इस विधा में विश्वास रखने का हवाला तो दिया लेकिन एलोपैथी के व्यापारिक वर्चस्व से इस पद्धति के फैलाव पर कुंठित प्रहार पर चिंता भी जताई।
लोकहित संस्था "सरबत दा भला " के संस्थापक जसवंत सिंह छपा का आगमन और आशीर्वाद इस विधा की सफलता का संदेश लिए मरीजों को सस्ते और सशक्त इलाज मुहैया कराने के प्रयास में सहयोग अपनी सार्थक संज्ञान लिए आश्वस्त करती नजर आई।अच्छे भविष्य की और अग्रसर यह शिविर निसंदेह चंडीगढ़ वासियों के लिए सुखद आयाम लिए रहा ।