चंडीगढ: पंजाब के जाने-माने लेखक विजय सिंघल की नई पुस्तक ‘हिन्दूइज्म - फ्रॉम माया टू मोक्ष’ ‘Hinduism- From Maya to Moksha’का विमोचन आज यहां लंदन पार्लियामेंट में लॉर्ड स्वराज पॉल ने किया। ‘स्पार्कलिंग पंजाब’ एवं ‘गंगा- अ डिविनिटी इन फ्लो’ कॉफी टेबल बुक्स तथा अध्यात्म व मनोविज्ञान पर कई पुस्तकों के लिए प्रशंसित लेखक विजय सिंघल ने अपनी नई किताब में हिन्दू धर्म का सार पेश किया है। विजय की किताबों में अमिताभ बच्चन और धर्मेंद्र जैसी शख्सियतों ने प्रस्तावनाएं लिखी हैं और इनके लेखन को दुनिया भर में सराहा जा चुका है।
पुस्तक विमोचल के अवसर पर लॉर्ड स्वराज पॉल ने कहा, ‘मैं हिन्दू धर्म का सार प्रस्तुत करती इस किताब ‘हिन्दूइज्म - फ्रॉम माया टू मोक्ष’ ‘Hinduism- From Maya to Moksha’का विमोचन करके बहुत खुश हूं। ऐसे लेखक बहुत कम हैं, जो विश्व स्तर पर भारतीय संस्कृति, जीवन और धर्म को प्रचारित कर रहे हैं। विजय सिंघल उन्हीं में से एक हैं। मैं विजय के लेखन का बहुत बड़ा प्रशंसक हूं। उनकी लिखी सभी किताबें विशेषकर ‘स्पार्कलिंग पंजाब’ व ‘गंगा- अ डिविनिटी इन फ्लो’ किताबें तो दिल को छू लेने वाली हैं।’
इस मौके पर यूनाइटेड किंगडम के सांसद श्री विरेंद्र शर्मा ने कहा, ‘मैं पुस्तक की विषय सामग्री से बहुत प्रभावित हूं और सोचता हूं कि यह किताब हमारी युवा पीढ़ी को हिन्दू धर्म के बुनियादी सिद्धांतों से परिचित कराने में सहायक होगी। वे इस किताब से हिन्दू धर्म को संक्षेप में समझ सकते हैं और अपने जीवन को सही पथ पर लाकर जीवन की गुणवत्ता में वृद्धि कर सकते हैं।’
लेखक श्री विजय सिंघल ने बताया, ‘अमरत्व व सनातन धर्म के प्रतीक हिंदू धर्म की कमजोरियों व अच्छाइयों दोनों को ही मैंने इस पुस्तक में स्पष्ट रूप से वर्णित किया है।’
पंजाब के मलेर कोटला में वर्ष 1951 में जन्मे विजय सिंघल ने भारत सरकार द्वारा दी गई जिम्मेदारियों का वहन करते हुए कई विदेश यात्राएं कीं। बिहाइंड साइकोलॉजी, साइको ऑफ कॉमन मैन, एटरनल ईकोज, डिवाइन विस्पर्स, मनोविज्ञान-जीवन का रहस्य उनकी लोकप्रिय किताबों में शुमार हैं।