चंडीगढ़: बीते सप्ताह प्रशासक के सलाहकार केके शर्मा और एडिशनल सेक्रेटरी लोकल बॉडी प्रेरणा पुरी ने गुरप्रीत कौर को सरकारी नौकरी देने से साफ इनकार कर दिया था।
गुरप्रीत मवेशी से टकराकर जान गंवाने वाले हरप्रीत की पत्नी हैं। रविवार को केंद्रीय रेल मंत्री पवन कुमार बंसल ने गुरप्रीत को नगर निगम में नौकरी दिलाने का भरोसा दिया। गुरप्रीत बंसल से मिलने पहुंची थीं। बंसल ने तुरंत मेयर सुभाष चावला को फोन करके गुरप्रीत को निगम में नौकरी और मुआवजा देने का एजेंडा 26 अप्रैल को हाउस मीटिंग में लाने को कहा। इसके बाद गुरप्रीत को कुछ आस बंधी है।
33 साल के हरप्रीत सिंह 6 अप्रैल की रात मोटर साइकिल से घर लौट रहे थे। सेक्टर 46/49 के पेट्रोल पंप के पास लावारिस मवेशी से टकराकर उनकी मौत हो गई थी। हरप्रीत अपने घर में अकेले कमाने वाले थे। हरप्रीत के चाचा प्रीत पाल सिंह ने बंसल से कहा कि भतीजे की मौत के बाद गुरप्रीत, सास जोगिन्द्र कौर, 6 साल का बेटा परमप्रीत और 13 माह की बेटी नूरप्रीत बेसहारा हो गए हैं। अगर नगर निगम या प्रशासन में गुरप्रीत की नौकरी लग जाए तो जिंदगी कट जाएगी।
बंसल ने घरवालों को स्पष्ट किया कि सरकारी महकमों में एग्जाम की प्रक्रिया होती है। उसे क्लीयर करना जरूरी होता है।