चंडीगढ़ - राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में 13 अप्रैल 2019 (शनिवार ) को ट्राईकॉलोजी (आयुर्वेद और आधुनिक परिपेक्ष्य) विषय पर पहली राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया जाएगा, जिसमें कई जाने माने डॉक्टर और विशेषज्ञ आयुर्वेद की आधुनिक तकनीकों पर विस्तार से जानकारी देंगे और हेयर साइंस (बालों से जुड़े विज्ञान) पर इसके सकारात्मक प्रभावों पर भी प्रकाश डालेंगे। यह कॉन्फ्रेंस हेयर साइंस पर रिसर्च स्कॉलर्स को उनके नवाचार और शोध नतीजों को मौखिक और पोस्टर के माध्यम से प्रस्तुत करने के लिए एक मंच प्रदान करेगी।
वीएचसीए आयुर्वेद के मैनेजिंग डायरेक्टर और कार्यक्रम के आयोजक डॉक्टर मुकेश अग्रवाल ने यह जानकारी दी। इस मौके पर उन्होंने कहा कि इस राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस का मुख्य मकसद देशभर में ट्राईकॉलोजी को लेकर जागरुकता पैदा करना है। इसके जरिये आयुर्वेदिक डॉक्टर्स, विशेषज्ञ, रिसर्च और अकैडमिशियंस को आयुर्वेद और मॉडर्न ट्राईकॉलोजी (हेयर एंड स्कैल्प साइंस) की गहनतम समझ से भी अवगत कराया जाएगा ताकि इस कॉन्फ्रेंस के बाद उन्हें बालों से जुड़ी बीमारियों, जांच तकनीकों और दुनिया भर में मौजूद निदान तकनीकों के बारे में विस्तार से जानकारी मिल सके।
उन्होंने आगे बताया कि इस कॉन्फ्रेंस में आयुर्वेद विज्ञान के जाने माने एक्सपर्ट प्रोफेसर श्रीकंठ बाबू पेरुगू (हैदराबाद), प्रो. मीता कोटेचा (जयपुर), प्रो. आनंद चौधरी (बीएचयू), डॉ. अनिल मुरारका(नई दिल्ली), प्रो. प्रीति छाबड़ा(नई दिल्ली), डॉ. गोपाल कुमार नायर (केरल) और गुड़गांव के प्रसिद्ध त्वचा विशेषज्ञ डॉ. सीमा ओबेरॉय लाल - आयुर्वेद और ट्राइकोलॉजी से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचारों और प्रस्तुतियों को साझा करेंगे।
डॉ. मुकेश अग्रवाल जो , वीएचसीए हेयर क्लिनिक और आयुर्वेद कंसल्टेंट्स डॉट कॉम ट्राइकोलॉजी के संस्थापक और सीईओ हैं वह आयुर्वेद क्षेत्र में व्यापार और नवीनतम प्रयोगों पर अपने विचार प्रस्तुत करेंगे।
डॉक्टर विश्वजीत राजपूत (ट्राईकॉन 2019 के आर्गेनाइजिंग सेक्रेटरी) के मुताबिक वीएचसीए हेयर क्लीनिक की ओर से दुनिया भर में लाखों लोगों को हेयर ट्रांसप्लांट, हेयर स्पा, आयुर्वेद ट्रीटमेंट, बालों के कम उगने, रूसी, वक्त से पहले सफेद होने और झडऩे से रोकने के लिए खास आयुर्वेद ट्रीटमेंट और निदान उपाय मुहैया कराए जा रहे हैं। इन उपायों के सकारात्मक परिणाम भी मिले हैं। इसके प्रचार प्रसार के लिए फेसबुक और यू ट्यूब जैसे सोशल मीडिया का सहारा भी लिया जा रहा है। दुनिया के कई देशों के अलावा पूरे देश से इस कॉन्फ्रेंस में भारी संख्या में विजिटर्स के आने की उम्मीद है।
इस मौके पर डॉ. मुकेश ने कहा कि वीएससीए दुनिया भर में आयुर्वेद के क्षेत्र में 1928 से अपनी सेवाएं मुहैया करा रहा है। वीएचसीए को दुनिया के पहले आयुर्वेद हेयर क्लीनिक के रूप में जाना जाता है। साल 2000 में वीएचसीए ने आयुर्वेद ट्राईकॉलोजी में प्रवेश किया था। हमें उम्मीद है साल 2025 तक वीएचसीए 100 फ्रेंचाइजी और एक हजार एसोसिएट्स के नेटवर्क को पूरा कर लेगा। अभी तक यह सात राज्यों में आपरेशनल है और इसने 15 हेयर क्लीनिक तैयार कर लिए हैं। 2006 से हमने आयुर्वेद के क्षेत्र में विश्व की पहली ऑनलाइन कंस्लटेशन सर्विस की शुरूआत की है। फिलहाल दुनिया के 50 देशों में 12000 डॉक्टर्स इस फोरम से जुड़े हुए हैं। आयुर्वेदाकार्ट डॉट कॉम पर 4000 आयुर्वेदिक दवाएं और उत्तम क्वालिटी की जड़ी बूटियां मुहैया है । वीएचसीए के जरिए 250 आयुर्वेदिक प्रोडक्टस भी इस पर मुहैया कराए गए हैं।