चंडीगढ़ - रीजनल सेंटर फॉर एंटरप्रेन्योरशिप डवलपमेंट (आरसीईडी) चंडीगढ़ ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकीविभाग (डीएसटी) तथा भारतीय उद्यमिता विकास संस्थान (ईडीआईआई) के तत्वावधान में, चंडीगढ़ ग्रुप ऑफ कॉलेजेज लांड्रा के सहयोग से एक संकाय विकास कार्यक्रम (एफडीपी) आयोजित किया। दो सप्ताह का यह शैक्षिक कार्यक्रम आजसंपन्न हुआ।
कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों को ज्ञान व कौशल से लैस करना है, ताकि वे छात्रों में उद्यमशीलता की भावना विकसित कर सकें और उद्यमशीलता को करियर के तौर पर अपना सकें। इसके माध्यम से, उद्यमिता के क्षेत्र में विभिन्न कॉलेजों औरविश्वविद्यालयों के 34 फैकल्टी सदस्यों को प्रशिक्षित किया गया।
प्रो. पीएन ऋषिकेश समापन समारोह के मुख्य अतिथि थे, जबकि अन्य उपस्थित महानुभावों में प्रमुख थे- डॉ. राजदीपसिंह, निदेशक, सीईसी, लांड्रा, प्रो. मनीष महाजन, विभागाध्यक्ष, सीएसई, परमजीत सिंह, निदेशक, आरसीईडी तथा बलबीरसिंह, सलाहकार, आरसीईडी। आरसीईडी तथा सीजीसी लांड्रा के बीच एक समझौता पत्र (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।
एमओयू का उद्देश्य परिसर में कौशल और उद्यमिता विकास गतिविधियों का संचालन करना है, जहां सीजीसी लांड्रा उपरोक्तगतिविधियों के लिए बुनियादी सुविधाएं और छात्र उपलब्ध करायेगा, जबकि आरसीईडी प्रशिक्षकों सहित अन्य प्रोफेशनल सुविधाएं प्रदान करेगा।
प्रतिभागियों के साथ बातचीत करने वाले वक्ताओं और उद्योग विशेषज्ञों में शामिल थे- डॉ. भारत, पंजाब विश्वविद्यालय, डॉ.गीता मेहरा, एमसीएम डीएवी कॉलेज, गुरशरण सिंह, निदेशक, ट्रू सक्सेस, संदीप कुमार, पीसीएस, रोजगार केंद्र, पीएन खन्ना,एलडीएम, पंजाब नेशनल बैंक, नीरज शर्मा, निदेशक, एसीएमई मार्केटिंग, रवनीत कौर, एसजीजीएस कॉलेज ऑफ फार्मेसी,जेएस सहोता, पूर्व जीएम, इंडियन ऑयल, तरुण प्रीत सिंह, निर्मल दत्त और सतविंदर सिंह।