चंडीगढ़ - गेल (इण्डिया) अपने अभियान ‘हवा बदलो’ के माध्यम से आने वाले कल को हरित एवं स्वच्छ बनाने हेतु लोगों की सोच में बदलाव लाने और जागरूकता बढ़ाने के लिए प्रयासरत है। 'हवा बदलो' वायु की गिरती गुणवत्ता में सुधार लाने की दिशा में एक सामूहिक सामाजिक प्रयास है, जो लोगों को पर्यावरण के अनुकूल एवं स्थायी जीवनैशली वाली आदतें अपनाने के लिए प्रोत्साहित करता है, जैसे वृक्षारोपण, साइकल चलाना, पैदल चलना, कारपूल का इस्तेमाल, परिवहन के सार्वजनिक साधनों का इस्तेमाल, ऊर्जा संरक्षण, ऊर्जा के स्वच्छ स्रोतों जैसे उद्योगों के लिए प्राकृतिक गैस, वाहनों के लिए सीएनजी एवं कमर्शियल उपयोग के लिए पीएनजी का इस्तेमाल।
'हवा बदलो' के तहत विविध अभियान करोड़ों भारतीयों तक पहुंचने में सफल रहे हैं और लगभग 6 करोड़ लोगों को प्रेरित कर चुके हैं।
'एयरलेंस' कार्यक्रम के तहत, यातायात पुलिसकर्मियों को स्मार्ट नेजल फिल्टर उपहार स्वरूप दिए गए, ताकि वायु प्रदूषण के कारण बिना किसी रुकावट के वे अपना काम कर सकें। वायु प्रदूषण के लिए उपलब्ध आम मास्कों की तुलना में ये कई गुना बेहतर और कारगर हैं।
'हवा बदलो स्कूल वारियर' प्रतियोगिता’ के माध्यम से छात्रों को वायु प्रदूषण पर अपने रचनात्मक विचार प्रस्तुत करने का मौका मिला। उन्होंने वायु प्रदूषण, इसके कारण होने वाली समस्याओं और इस पर लगाम लगाने के तरीकों पर आर्ट फॉर्म्स और शॉर्ट वीडियोज़ अपलोड किए। गेल के द्वारा एक संक्षिप्त फिल्म 'ग्रे डे एट स्कूल' भी बनाई गई है, जो छात्रों को वायु प्रदूषण के खतरों के बारे में शिक्षित करती है।
'चेंज द हैबिट, चेंज द हेबिटेट' पहल ने आम जनता को प्रदूषण के खिलाफ शपथ लेने के लिए प्रेरित किया। गेल ने राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता फिल्म ‘कड़वी हवा’ के साथ भी साझेदारी की, जो जलवायु परिवर्तन पर आधारित है।
'ब्रिंग बैक द ब्लू स्काईज' एक और अभियान है जो लोगों को अपने व्यवहार, जीवनशैली के तरीकों में बदलाव लाकर स्वच्छ वातावरण एवं नीले आकाश के निर्माण में योगदान देने के लिए प्रोत्साहित करता है।
गेल इण्डिया लिमिटेड ने लम्बे समय तक 'हवा बदलो' अभियान को समर्थन देने की योजना बनाई है, ताकि यह राष्ट्रीय आंदोलन बन जाए।