चंडीगढ़ - पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय तथा पेट्रोलियम कंजर्वेशन रिसर्च एसोसिएशन (पीसीआरए) के तत्वावधान में, पेट्रोलियम उत्पादों के विवेकपूर्ण उपयोग और संरक्षण की आवश्यकता के बारे में व्यापक जागरूकता पैदा करने के लिए, तेल उद्योग ने एक माह का तेल व गैस संरक्षण अभियान शुरू किया है, जो 16 जनवरी से 15 फरवरी, 2019 तक चलेगा। सी एस आर रेड्डी (आईपीएस), डीजीपी - इन्वेस्टीगेशन, लोकपाल, पंजाब सरकार, ने आज यहां टैगोर थिएटर में 'सक्षम 2019 ' (संरक्षण क्षमता महोत्सव) नामक अभियान को हरी झंडी दिखाई।
रेड्डी ने एक रंगारंग कार्यक्रम में जागरूकता अभियान का उद्घाटन किया और एक जागरूकता वाहन को झंडी दिखाकर रवाना किया, जो संरक्षण के संदेशों के साथ पूरे पंजाब में घूमेगी। उन्होंने पेट्रोलियम उत्पादों के संरक्षण का संदेश फैलाने में तेल व गैस कंपनियों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने बेहतर भविष्य के लिए प्राकृतिक संसाधनों और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता पर बल दिया।
संदीप जैन, पंजाब में तेल उद्योग के लिए राज्य स्तरीय कोऑर्डिनेटर और मुख्य महाप्रबंधक, इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड, पंजाब, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और चंडीगढ़, ने तेल उद्योग व पीसीआरए द्वारा तेल व गैस संरक्षण हेतु की गई गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने ईंधन और लुब्रिकेशन ऑयल्स की गुणवत्ता में सुधार के लिए तेल कंपनियों के प्रयासों पर भी प्रकाश डाला, जिससे उपभोक्ताओं को ईंधन के उत्सर्जन को कम करके ईंधन और पर्यावरण को बचाने में सक्षम बनाया जा सका है।
यूटी चंडीगढ़ में तेल उद्योग के लिए राज्य स्तर के कोऑर्डिनेटर और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कार्पोरेशन के डीजीएम गगनदीप सिंह सोढ़ी ने कहा, 'हम दैनिक जीवन में सरल तरीके अपनाकर, उपलब्ध संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग कर सकते हैं। तेल कंपनियां सक्रिय रूप से लगी हुई हैं और जैव-ईंधन, पवन ऊर्जा, सौर ऊर्जा जैसे ऊर्जा के स्वच्छ स्रोतों में निवेश कर रही हैं।'
संजीव वर्मा, अतिरिक्त निदेशक, पीसीआरए द्वारा संरक्षण की टिप्स दी गयीं। सम्वाद ग्रुप द्वारा संरक्षण पर एक लघु नाटक प्रस्तुत किया गया। गृहणियों, स्कूली बच्चों, ड्राइवरों, मैकेनिकों, औद्योगिक व कृषि उपयोगकर्ताओं के साथ-साथ आम जनता के लिए भी विभिन्न गतिविधियों की योजना बनाई गई है। पंजाब में पीएसयू तेल कंपनियों द्वारा बड़े पैमाने पर जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे। अभियान की थीम है - ईंधन संरक्षण की जि़म्मेदारी, जन गण की भागीदारी।