चंडीगढ़ - तीसरा अंतर्राष्ट्रीय एवं पांचवां राष्ट्रीय मनोविज्ञान सम्मेलन (आईपीएससी-2016) यहां पोस्ट ग्रेजुएट गवर्नमेंट कॉलेज, सेक्टर 46, चंडीगढ़ में शुरू हो गया। तीन दिनों तक चलने वाले इस मनोविज्ञान सम्मेलन का उद्घाटन पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ के वाइस चांसलर प्रोफेसर अरुण कुमार ग्रोवर ने दीप प्रज्ज्वलित करके किया। समारोह में पंजाब यूनिवर्सिटी के पूर्व मनोवैज्ञानिक प्रो. सागर शर्मा को लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया गया और सम्मेलन की वार्षिक पुस्तिका का विमोचन भी हुआ।
अपने संबोधन में प्रोफेसर ग्रोवर ने कहा, 'बिना किसी बड़ी सहायता के एनएपीएस इतना बड़ा आयोजन कर रहा है, इसके लिए संगठन बधाई का पात्र है। परंतु इस आयोजन को और अधिक स्वीकार्य और भव्य बनाने के लिए मुझे लगता है कि एक पब्लिक लेक्चर का आयोजन भी किया जाना चाहिए, ताकि अधिक से अधिक स्थानीय लोग इसका लाभ ले सकें और जागरूकता के इस अभियान में शामिल हो सकें।
पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेजों को अधिक स्वायत्तता और निर्णय लेने की स्वतंत्रता के बारे में प्रोफेसर ग्रोवर का सुझाव था कि कॉलेजों को स्वायत्त संस्थान बनने की अभिलाषा रखनी चाहिए। सरकार भी यही चाहती है कि पीजी कॉलेजों में अधिक रिसर्च हो और शिक्षा के क्षेत्र में उनका योगदान बढ़ाया जाये।
कांफ्रेंस के डायरेक्टर डॉ. रोशन लाल दहिया ने कहा, 'सम्मेलन का फोकस मनोवैज्ञानिक सेहत, शांति और सद्भाव पर है। हमारी कोशिश है कि मनोविज्ञान में अनुसंधान को बढ़ावा दिया जा सके और इसका लाभ लोगों और समाज को मिल सके। कार्यक्रम का संचालन डॉ. राजेश कुमार ने किया। उद्घाटन समारोह में एमडी यूनिवर्सिटी रोहतक के प्रोफेसर राधेश्याम, हरियाणा के स्टेट इलेक्शन कमिश्नर डॉ. दलीप सिंह आईएएस, पीजीजीसी-46 के प्रिंसीपल डॉ. बीपी यादव एवं गलोबल पीस एंड हार्मनी संस्था के संस्थापक डॉ. सुभाष चंद्रा भी मौजूद थे।
तीन दिवसीय इस कांफे्रंस का आयोजन पीजी गवर्नमेंट कॉलेज, सेक्टर 46, चंडीगढ़ के मनोविज्ञान विभाग द्वारा वल्र्ड विदआउट एंगर, वल्र्ड इमोशनल लिटरेसी लीग एवं ग्लोबल पीस एंड हार्मनी संस्था के सहयोग से नेशनल एसोसिएशन ऑफ साइकोलॉजिकल साइंस (एनएपीएस) के बैनर तले किया जा रहा है।