चंडीगढ़ - पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में आग से बचाव प्रबंधों को लेकर किए जा रहे दावों की उस समय पोल खुल गई जब यहां अचानक आग लग गई। हाईकोर्ट में प्रतिदिन लगभग 25 हजार वकील व मुकदमेबाज आदि आते है। दोपहर हाईकोर्ट के गेट नंबर 2 और 4 के बीच एक दुकान में शार्ट सर्किट होने से आग लग गई तो असलीयत सामने आई। आग लगने की कॉल मिलने के उपरांत फायर ब्रिगेड तो 4 मिनट में हाईकोर्ट पहुंच गई परन्तु जहां आग लगी वहां पहुंचने में 25 मिनट अतिरिक्त लग गए क्योंकि रास्ता ही नहीं था।
हाईकोर्ट में पहले भी आग लगने की घटना हो चुकी है। ऐसे में यदि कोई बड़ी दुर्घटना हो जाए तो एंबुलैंस के निकलने तक का रास्ता नहीं छोड़ा जाता। फायर ब्रिगेड से पहले ही आग पर फायर हाईड्रैंट आदि से काबू पाया गया परन्तु दुकान जलकर राख हो गई। गनीमत यह रही कि दूसरी दुकानों को आग ने चपेट में नहीं लिया। स्टेशन फायर अधिकारी एम.एल. शर्मा ने कहा कि यह तो हाईकोर्ट का हाईड्रैंट सिस्टम अच्छे से कार्य कर रहा था कि बड़ी दुर्घटना टल गई, नहीं तो नुकसान काफी अधिक होता। उनका कहना है कि रास्ते में गाडिय़ां खड़ी हुई थी और पार्किंग तंग होने की वजह से सिस्टम चरमरा गया।