चंडीगढ़ 15 मार्चः राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने देश में ग्रामीण और शहरी इलाकों के सभी वर्गों की जरूरतों के अनुसार चिकित्सा सुविधा विकसित करने की आवश्यकता पर जोर दिया है। मुखर्जी आज चंडीगढ़ में पीजीआईएमईआर में 33वें दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अच्छी स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली देश के अनुरूप होनी चाहिए। भारत को अपनी आवश्यकतानुसार सार्वभौमिक स्वास्थ्य सुविधा का लक्ष्य हासिल करना होगा।
मुखर्जी ने कहा कि सरकारी अस्पतालों में इलाज कराने वाले रोगियों के लिए सरकार की ओर से निशुल्क जेनरिक दवाइयां वितरित करने की व्यवस्था है। इससे गरीब लोगों को दवाइयां उपलब्ध होंगी। राष्ट्रपति ने देश के दूरदराज इलाकों में भी टेली मेडिसिन व्यवस्था पहुंचाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सरकार ने 2022 तक स्वास्थ्य पर सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के तीन प्रतिशत खर्च करने का लक्ष्य रखा है। चिकित्सा क्षेत्र में सरकार अकेले काम नहीं कर सकती। इसमें सार्वजनिक और निजी क्षेत्र को भागीदारी करनी होगी। सार्वभौमिक स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए डॉक्टर, अस्पताल प्रबंधन, औषधि उद्योग और चिकित्सा बीमा क्षेत्र सबको मिलकर काम करना होगा।