चंडीगढ़ - चंडीगढ़ नगर निगम ने हिमाचल से आने वाले कूड़े-कचरे के खिलाफ दिल्ली एनजीटी में अपील दायर कर दी है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेशों के बाद शिमला, बद्दी व सोलन से आने वाले कचरे को रोकने के लिए चंडीगढ़ नगर निगम ने यह कदम उठाया है। अब मामले पर 17 दिसंबर को सुनवाई होगी। सुनवाई के लिए ट्रिब्यूनल की बैंच शिमला में लगेगी। तब तक हिमाचल के उक्त तीनों शहरों से जाने वाला कचरा चंडीगढ़ में ही प्रोसेस होगा।
उल्लेखनीय है कि शिमला में ट्रिब्यूनल द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुसार शिमला से 60 टन, सोलन से 15 टन व बद्दी से लगभग 20 टन कचरा प्रतिदिन प्रोसेसिंग के लिए चंडीगढ़ आएगा। उक्त शहरों में कचरा प्रबंधन संयंत्र की अनुपलब्धता के चलते ने ये निर्देश दिए हैं। ट्रिब्यूनल के आदेशों के बाद चंडीगढ़ महापौर पूनम शर्मा, निगम पार्षदों व अधिकारियों की एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई गई थी। बैठक में निर्णय लिया गया कि हिमाचल के उक्त शहरों से कचरा चंडीगढ़ भेजे जाने के निर्णय के खिलाफ निगम अपील दायर करेगा।
निगम का कहना है कि उसके साथ हुए करार में स्पष्ट है कि चंडीगढ़ के गारबेज प्रोसेसिंग प्लांट में केवल चंडीगढ़ का कचरा ही प्रोसेस होगा। मंगलवार की सुनवाई में ट्रिब्यूनल ने निर्देश दिए हैं कि जिस दर से शिमला नगर निगम वहां बंद हुए गारबेज प्रोसेसिंग प्लांट को टिप्पिंग फीस दे रहा था, उसी दर से यहां फीस अदा करेंगे। अभी तक हिमाचल के तीनों शहरों से लगभग 350 टन कचरा प्लांट में प्रोसेस किया जा चुका है।