चंडीगढ़ - मनीमाजरा स्थित पेट्रोल पंप के पीछे जंगल से संदिग्ध हालात में फंदे से लटके होमगार्ड मोहन जोशी की मौत के मामले की न्यायिक जांच की जायेगी। चंडीगढ़ प्रशासक के सलाहकार विजय कुमार देव ने होमगार्ड के परिवार से संपर्क करते हुए इस मामले की जांच गृह सचिव से करवाये जाने का भरोसा दिलाया है। इस आश्वासन के बाद परिवार ने शाम को मनीमाजरा के शमशान घाट में मोहन कुमार के शव का अंतिम संस्कार किया।
मोहन जोशी के परिवार व कुमाऊं सभा के सैकड़ों लोगों ने सेक्टर 19 थाना में शव रखकर पुलिस और ली कार्बूजिए के अधिकारियों पर कार्रवाई किये जाने की मांग करते हुए रोष व्यक्त किया। इस प्रदर्शन के दौरान परिवार की मांग थी कि मोहन को जिन अधिकारियों ने परेशान किया और उसे झूठे मामले में फंसाया गया, उन अधिकारियों पर तुरंत कार्रवाई की जाये। कुमाऊं सभा चंडीगढ़ के अध्यक्ष बचन सिंह नगरकोटी ने बताया कि मोहन जोशी चंडीगढ़ पुलिस में बीते 18 वर्षों से बतौर होमगार्ड नौकरी कर रहा था।
पार्ट टाइम वे पिछले 2 वर्षों से सेक्टर 19 स्थित ली कार्बूजिए सेंटर में नाइट डयूटी करता था। सोमवार को अचानक उसकी डयूटी वहां से हटा दी गयी थी। सुबह घर से निकलते वक्त मोहन ने अपनी पत्नी को बताया कि उसे पुलिस और कुछ अधिकारी परेशान कर रहे हैं। पत्नी को बातों-बातों में यह बात कह कर मोहन कुमार घर से निकले लेकिन फिर नहीं लौटे। देरशाम को पीडि़त परिवार ने मनीमाजरा थाने में मोहन कुमार की गुमशुदगी की शिकायत दी।
मंगलवार का दिन बीतने पर भी जब पुलिस मोहन को नहीं तलाश पाई तो उन्होंने एसएसपी विंडो पर शिकायत दी। अभी परिवार बेटे की तलाश कर ही रहा था कि पुलिस ने मोहन का शव जंगल में पेड़ से लटके होने की सूचना दी। सेक्टर 19 थाना में ली कार्बूजिए के अधिकारियों द्वारा पिछले सप्ताह 2 मेज, कुछ कुर्सियों और उन पर लगे चिन्हों के गायब होने के संबंध में शिकायत दी गयी थी । परिवार का आरोप है कि मोहन को इस सामान की चोरी का कसूरवार बताते हुए मानसिक पीड़ा दी जा रही थी