चंडीगढ़ - आल इंडिया आर्गेनाइजेशन आफ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट (एआईओसीडी) के आह्वान पर 14 अक्तूबर को चंडीगढ़ के 600 से ज्यादा केमिस्टों ने अपनी दुकानों को बंद रखकर विरोध जताने का फैसला किया है। चंडीगढ़ केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष विजय आनंद ने बताया कि राष्टीय स्तर पर किए जा रहे इस बंद में पूरे देश के साढ़े सात लाख से ज्यादा केमिस्ट हिस्सा लेंगे।
आनंद ने बताया कि ड्रग एंड कास्मेटिक एक्ट के खिलाफ पूरे देश में ऑनलाइन दवाइयों की बिक्री हो रही है और सरकार इनको रोकने में नाकाम रही है। उन्होंने कहा कि इस एक्ट के अनुसार सिर्फ रजिस्टर्ड फार्मासिस्ट ही वैध प्रिस्क्रिप्सन पर मरीजों को दवाइयों को बेच सकता है, लेकिन इस एक्ट की धज्जियों को उड़ाकर ऑनलाइन दवाइयों को बेचा जा रहा है। उन्होंने कहा कि एसोसिएशन ऑनलाइन बिक्री का इसलिए विरोध कर रही है, क्योंकि इससे न सिर्फ मरीजों की जान से खिलाफ खिलवाड़ किया जा रहा हैं, बल्कि साढ़े सात लाख से ज्यादा केमिस्टों व उनके परिवार की रोजी रोटी का संकट पैदा हो गया है।
उन्होंने कहा कि एसोसिएशन यह महसूस करती है कि ऑनलाइन बिक्री होने से न लाखों दुकानदारों के साथ जुड़े हुए व्यवसाय की पूरी चेन पर भी विपरीत असर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि एआईओसीडी ने आनलाइन बिक्री के प्रतिकूल प्रभावों के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए डीसीजीआई, डीटीएबी व सभी सांसदों को ज्ञापन भेज दिया है जिसमें ई-फार्मेसी के खतरनाक दुष्परिणामों के बारे में बताया गया है।
उन्होंने कहा कि देश भर के डीसीजीआई इस बात को स्वीकार करते है कि ऑनलाइन बिक्री कानूनी रूप से सही नहीं है लेकिन उन्होने इसे रोकने के लिए अभी तक कोई कदम नहीं उठाए हैं। आनंद ने बताया कि एक दिन का बंद का उद्देश्य इस विषय की संवेदनशीलता व इससे विपरीत परिणामों के बारे में जागरूकता फैलाना है।