चंडीगढ़ - भारत को 21वीं सदी में दुनिया का सिरमौर बनाना है तो पहले हमें स्वयं को बनाना होगा। संत विनोबा भावे सहित सब संतों ने हमें यही शिक्षा दी है। यह बात हरियाणा व पंजाब के राज्यपाल व चंडीगढ़ के प्रशासक प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी ने रविवार को टैगोर थियेटर में भारत रत्न आचार्य विनोबा भावे की 120 जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित समारोह में बोलते हुए कही। समारोह का आयोजन आचार्य कुलए चंडीगढ़ द्वारा किया गया था।
प्रो. सोलंकी ने कहा कि आज जब हम स्मार्ट सिटी और स्मार्ट ग्राम की ओर बढ़ रहे हैं तो भी हमें भारत के विचार और संस्कृति को नई पीढ़ी में भरना होगा। यदि ऐसा नहीं हुआ तो हम राम की अयोध्या नहीं, रावण की लंका बना डालेंगे। प्रो. सोलंकी ने समारोह में प्रेरणादायक सांस्कृतिक कार्यक्रम करने वाले ब्लू बर्ड हाई स्कूल के बच्चों को पांच-पांच हजार रुपए की राषि पुरस्कार स्वरूप प्रदान करने की घोषणा की। चंडीगढ़ की महापौर पूनम शर्मा और केंद्रीय आचार्य कुल के अध्यक्ष हीरालाल माली ने भी समारोह में विचार रखें।