चंडीगढ़ - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को मोहाली में 939 करोड़ रुपए की लागत से बनाए गए चंडीगढ़ हवाई अड्डे के अंतरराष्ट्रीय टर्मिनल को शुक्रवार को राष्ट्र को समर्पित किया। कुल 306 एकड़ में बनाए गए अत्याधुनिक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के शुरू होने से पंजाब, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश के लोगों को काफी फायदा पहुंचेगा।
हालांकि प्रधानमंत्री द्वारा सौंपी गई इस सौगात की जगह सिटी ब्यूटीफुल में उनके आने से फैली अव्यवस्थाएं सुर्खियों में रही। उनके इस दौरे के मद्देनजर सभी स्कूलों को बंद रखा गया था। यहां तक कि चंडीगढ़ में मौजूद एकमात्र श्मशानघाट को भी बंद रखा गया था, जिससे दाह संस्कार को पहुंचे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। कांग्रेस ने तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चंडीगढ़ यात्रा के दौरान लोगों को हुई असुविधा के मुद्दे को लपकते हुए उन पर जोरदार हमला बोला।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि मोदी की इस वीआईपी यात्रा के कारण चंडीगढ़ के एकमात्र श्मशानघाट को बंद रखा गया, जिससे कारगिल युद्ध के हीरो को अपने मृत बेटे के अंतिम संस्कार के लिए भटकना पड़ा। कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि मोदी की चंडीगढ़ यात्रा से साबित हो गया है कि खुद को सेवक बताने वाले मोदी असल में साहब हैं। उन्होंने कहा कि सत्ता के नशे में चूर मोदी के चंडीगढ़ दौरे के लिए वहां के एकमात्र श्मशान घाट को बंद रखा। इसके कारण कारगिल युद्ध के हीरो ब्रिगेडियर देवेंद्र सिंह के इकलौते बेटे करण अंगद सिंह के दाह संस्कार की अनुमति तक नहीं मिली। लाचार सैनिक को बेटे का अंतिम संस्कार दूसरी जगह पर करना पड़ा।
इस यात्रा की वजह से चंडीगढ़ में स्कूलों को बंद कर दिया गया था। प्रधानमंत्री के खेद व्यक्त करने पर सुरजेवाला ने चुटकी लेते हुए कहा कि श्री मोदी पहले गलती करते हैं और फिर माफी मांगते हैं। उन्होंने कहा कि श्री मोदी की चंडीगढ़ रैली को सफल बनाने के लिए शिक्षा विभाग ने बाकायदा शुक्रवार को स्कूल बंद रखने का सर्कुलर जारी किया था। स्कूलों में छुट्टी करने की वजह एक ही थी कि स्कूल की बसों का इस्तेमाल रैली में भीड़ जुटाने के लिए लोगों को लाने और ले जाने के लिए किया जा सके।