चंडीगढ़, 6 मार्च, 2013: मां दिव्यशक्ति नाम से लोकप्रिय जानी-मानी भविष्य वक्ता एवं टैरो कार्ड रीडर रेनू माथुर ने चाय के प्याले से भविष्य बताने की एक नई विधा ‘टैसियोग्राफी’ पेश की है। टैसियोग्राफी ग्रीक भाषा के टैसियो शब्द से बना है, जिसका मतलब है कप और ग्राफी का मतलब है पढऩा। प्राचीन काल में लोग चाय का प्रयोग जीवन संबंधी भविष्यवाणियां करने के लिए करते थे। पहले लोग छोटे-छोटे समूहों में यह सब किया करते थे।
टैसियोग्राफी के बारे में रेनू ने बताया, ‘आम आदमी की भाषा में टैसियोग्राफी का मतलब है चाय की पत्ती के बचे हुए टुकड़ों को देखकर भविष्य बताना। भविष्य बताने की यही मेरी नई विधि है। इसमें चीनी मिट्टी के कटोरे या कप के तल पर गठित प्रतीकों एवं आकृतियों के माध्यम से लोगों के भूत एवं भविष्य से जुड़ी विभिन्न परिस्थितियों के बारे में जाना जाता है।’
उन्होंने बताया कि हम चीनी मिट्टी के कटोरे में चाय की पत्ती से काढ़ा तैयार करते हैं और प्रश्नकर्ता को चाय पीने के लिए कहते हैं। कप की तली में और साइड में कुछ आकृतियां बन जाती हैं, जिन्हें पढ़ा जाता है और प्रतीकात्मक अवलोकन करके उन समाधानों एवं निष्कर्षों तक पहुंचा जाता है, जिन्हें हम जानना चाहते हैं।
यह विधि मुख्य रूप से भविष्य जानने वाले के उस समय के आसपास के वातावरण और विद्युत चुंबकीय क्षेत्र पर आधारित है। आमतौर पर लोगों को चाय पीते समय उन सवालों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए कहा जाता है जिनका जवाब वे जानना चाहते हैं। रेकी मास्टर एवं औरा हीलर रेनू का दावा है कि यह विधि हमें चीजों का बेहतर आकलन करने एवं पूर्वानुमान लगाने में मदद करती है।
रेनू पिछले 20 वर्षों से भविष्य बताने एवं पूर्वानुमान लगाने के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे टैरो कार्ड्स, मंत्रों की कला और क्रिस्टल गेजिंग के जरिये रिश्तों, स्वास्थ्य और व्यावसायिक मामलों के साथ-साथ मौजूदा मुद्दों पर भविष्यवाणियां करती हैं। वे साइंस ऑफ सरवाइवल के जरिये पारिवारिक तनावपूर्ण स्थितियों से जूझने और खराब परिस्थितियों से बाहर निकलने के रास्ते सुझाती हैं।