चंडीगढ़ - चंडीगढ़ के व्यस्त मार्गों पर ट्रैफिक समस्याओं से निजात पाने के लिये पुलिस का पहला अनुभव आज सबके लिये सरदर्दी साबित हुआ। हैरत की बात यह है कि खुद पुलिस ट्रैफिक जाम में फंसी रही वहीं पैदल चलने वालों को भी भारी दिक्कतें हुईं। ऐसा एक सप्ताह तक चलेगा, जिसमें पुलिस ने लोगों से व्हाट्स एप ग्रुप पर इस नये अनुभव के बारे में कमेंट शेयर करने की अपील की है। सेक्टर-22/23 की डिवाइडिंग रोड पर व्यस्त घंटों में ट्रैफिक पुलिस ने सभी राइट टर्न बंद कर दिए।
पुलिस का उद्देश्य है कि वाहन चालक वैकल्पिक मार्गों को छोड़ मुख्य मार्ग पर कैसे अनुशासन में रह कर ट्रैफिक नियमों का पालन करते हैं। ये प्रयोग एक हफ्ते के लिए ही किया जा रहा है, हालांकि पहले ही दिन लोग काफी परेशान रहे। सुबह 8 से 11 बजे तक सेक्टर 22 से 23 की ओर जाने वाले तथा वहां से सेक्टर 22 आने वाले वाहन चालकों को लाइट प्वाइंट पर पहुंच कर रूट डाइवर्ट होने का पता चला। शाम को 4 से 7 बजे तक भी ऐसी ही स्थिति बनी रही। ट्रैफिक पुलिस ने इस पहले प्रयोग के बारे में शहर वासियों से अपने अनुभव शेयर करने के लिये कहा है। पुलिस की ओर से बनाया गया ग्रुप हालांकि कामयाब भी हुआ है। पुलिस का यह भी दावा है कि कमेंट्स करने वाले लोगों का अधिक से अधिक रुझान देखने के बाद ही इस दिशा में पुलिस आगे कदम बढ़ायेगी अन्यथा इसे बंद कर दिया जायेगा।
पुलिस की ओर से चलाये गये व्हाट्स एप ग्रुप पर लोगों के कमेंट करने पर पुलिस को सफलता हाथ लगी है। अगस्त महीने में पुलिस के व्हाट्स एप ग्रुप से 574 लोग जुड़े। वहीं पुलिस को लोगों ने शहर में ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर 314 इमेज भेजे। पुलिस ने इन पर कार्रवाई करते हुए 197 लोगों के चालान भी किये। 2 चालान पुलिस के फील्ड स्टॉफ के थे। पुलिस ने 109 मामलों में जांच की। 29 रांग पार्किंग से जुड़े थे जबकि 2 मामले रांग पार्किंग थे। व्हाट्स एप ग्रुप पर तीन लोगों ने पुलिस की प्रशंसा की।