पंचकूला - रक्षा बंधन की पूर्व संध्या के अवसर पर हरियाणा सरकार जहां राज्यभर में महिला पुलिस थानों के उदघाटन करने में भी व्यस्त थी वहीं पंचकूला में एक व्यक्ति ने अपनी तीन बेटियों व पत्नी को मौत के घाट उतारकर खुद भी फंदा लगा लिया। सामूहिक आत्महत्या की घटना के पीछे आरोपी की तीन बेटियों के बावजूद बेटे की चाहत और आर्थिक तंगी को मुख्य कारण माना जा रहा है। पुलिस ने पांचों लाशों को कब्जे में लेकर कार्रवाई शुरू कर दी है।
प्राथमिक जांच में पुलिस जिस थ्यौरी को आधार बनाकर आगे बढ़ रही है उसके अनुसार मूल रूप से उत्तर प्रदेश निवासी नीरज कुमार अपनी पत्नी राजकुमारी व तीन बेटियों के साथ पंचकूला के सेक्टर-12 ए से सटे गांव रैला में रहता था। नीरज यहीं पर मजदूरी करके अपना परिवार पालता था। नीरज की बड़ी बेटी नविता छह वर्ष, मंझली बेटी अंजली की उम्र चार वर्ष और सबसे छोटी बेटी बिट्टी की उम्र दो वर्ष की थी। पुलिस के अनुसार सामान्य की भांति बृहस्पतिवार की रात नीरज अपने परिवार के घर के एक कमरे में सोया। इसी घर की छत पर उसका भाई सोया हुआ था।
आमतौर पर नीरज सुबह पांच बजे ही उठ जाता था लेकिन आज सुबह जब वह नहीं उठा नीरज के भाई ने नीचे आकर देखा तो दरवाजा अंदर से बंद था। उसने खिडक़ी से भीतर झांककर देखा तो नीरज फंदे पर लटका हुआ था और परिवार के अन्य सदस्य बेसुध पड़े थे। नीरज के भाई ने पड़ोसियों की मदद से दरवाजा तोड़ा और भीतर जाकर देखा तो नीरज की पत्नी व बच्चियों की मौत हो चुकी थी। सामूहिक आत्महत्या का शिकार परिवार के पड़ोसियों से हुई बातचीत के आधार पर पुलिस यह मानकर चल रही है कि नीरज आर्थिक तंगी से जूझ रहा था। दूसरा नीरज व उसकी पत्नी को बेटे की भी चाहत थी। वह आमतौर पर तीन बेटियां होने के कारण परेशान रहते थे। माना जा रहा है कि नीरज ने पहले अपनी बेटियों व पत्नी को मौत के घाट उतारा और उसके बाद खुद भी आत्महत्या कर ली। बहरहाल पुलिस ने लाशों को कब्जे में लेकर मृत्क के परिजनों को सूचित कर दिया है।