चंडीगढ़ - हाईकोर्ट के 21 जजों को जान से मारने की धमकी भरा पत्र मिलने के बाद वीरवार को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट को पुलिस ने छावनी में तब्दील कर दिया। सैकड़ों की संख्या में पुलिस कर्मियों की कोर्ट परिसर में मौजूदगी रही और कोर्ट में आने वाले हर वाहन को पुलिस की कड़ी सुरक्षा के घेरे से होकर गुजरना पड़ा। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य द्वारों के अतिरिक्त अंदर प्रवेश करने के सभी संभव मागरें को रोक लगाकर बंद कर दिया। प्रवेश के लिए खुले रखे गए द्वारों पर मेटल डिटेक्टर लगाए गए।
मामले में एसपी मनीष चौधरी ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि इस मामले की गंभीरता को देखते हुए 700 अतिरिक्त पुलिसकर्मियों को लगाया गया है। पुलिस के साथ साथ केंद्रीय सुरक्षा बलों की मदद से हाईकोर्ट की सुरक्षा को पुख्ता किया गया है। साथ ही बम निरोधक दस्ते की मौजूदगी को सुनिश्चित करने के लिए पंजाब से मदद ली गई है। जहा 500 पुलिसकर्मियों को हथियार के साथ सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तैनात किया गया था वहीं दूसरी ओर अप्रिय स्थिति से तुरंत निपटने के लिए 200 पुलिस सादी वर्दी में रहेंगे। हाईकोर्ट की सुरक्षा को लेकर किए गए प्रबंधों के बीच अफवाह फैलाने वाली खबरें पुलिस के लिए सरदर्द बनी रही।
सुबह 11 बजे के करीब आई एक कॉल से हाईकोर्ट में हडक़ंप मच गया। किसी शरारती तत्व द्वारा पुलिस को फोन कर बताया गया कि एडवोकेट जनरल ऑफिस में वकीलों के बीच खूनी संघर्ष हुआ है। इसके बाद पुलिस की टीम हरियाणा और पंजाब एजी ऑफिस में पहुंची। नंबर पर दोबारा संपर्क करने पर वह बंद पाया गया। पुलिस द्वारा हर वाहन की जाच कर उसे कोर्ट में प्रवेश देने की नीति के चलते हाईकोर्ट से एक ओर सचिवालय व मुख्यमंत्री आवास की ओर जाने वाले मार्ग तक जाम की स्थिति बनी रही। बार के पदाधिकारी वकीलों के सामने हाथ जोडक़र शाति बनाए रखने की और सुरक्षा जाच में सहयोग की अपील करते नजर आए। वकीलों ने भी पुलिस को सहयोग दिया और गाडिय़ों की तलाशी व पहचान पत्र दिखाने पर ही आगे जाने दिया गया।