चंडीगढ़ - सेक्टर-3 में टाटा डोकोमो कंपनी का कॉल सेंटर चलाने वाले मुकुल भारद्वाज (26) का बुधवार सुबह बरवाला के पीछे टांगरी नदी के समीप सडक़ पर शव पड़ा मिला। शव मिलने की खबर के बाद इलाके में सनसनी फैल गयी। परिवार के सदस्यों ने मुकुल का कत्ल कर शव को खुर्द-बुर्द करने का आरोप लगाया है। वहीं पुलिस को शुरुआती जांच में मृतक के गले पर चोट के निशान मिले हैं। पुलिस को शक है कि युवक की गला दबा कर हत्या की गई और उसके बाद शव को नदी के समीप फेंक दिया गया। मुकुल सेक्टर-11 के मकान नंबर 1407 में रहता। अपनी मां के इकलौते बेटे मुकुल ने पिछले साल बीटेक पूरा किया था।
2 माह पहले उसने कॉल सेंटर खोला था। मुकुल के पिता मोहन लाल भारद्वाज का 1994 में देहांत हो गया था। उसकी मां निर्मल कुमारी हरियाणा सचिवालय में कर्मचारी हैं। पुलिस को सुबह करीब 10 बजे टांगरी नदी के समीप से गुजर रहे रागहीरों से सडक़ किनारे शव पड़ा होने की सूचना मिली। पुलिस और फोरेंसिक विशेषज्ञ मौके पर पहुंचे और शव को कब्जे में लेकर वहां से नमूने एकत्रित किये। पुलिस को मौके पर से एक गाड़ी के पहियों के निशान भी मिले हैं। पुलिस ने शव को कब्जे में लेते हुए उसे सेक्टर-6 के जनरल अस्पताल की मोर्चरी में रखवा कर जांच शुरू कर दी। फोरेंसिक विशेषज्ञों की जांच में इस पर भी शक जताया गया है कि मुकुल को जबरन कुछ पिलाया गया, जिसके बाद उसे उल्टी हुई।
उसके अचेत होते ही अज्ञात लोग मुकुल को अपनी गाड़ी में डाल वहां से बरवाला के पीछे टांगरी नदी के समीप फेंक कर फरार हो गये। पुलिस का कहना है कि बृहस्पतिवार को मृतक के शव का पोस्टमार्टम करवाया जायेगा। पुलिस को एक ढाबा मालिक रिंकू ने बताया कि उसने मंगलवार देर रात मुकुल को कुछ अज्ञात लोगों के साथ एक काले रंग की गाड़ी में जाते हुए देखा था। मुकुल अकसर रात को घर जाने से पहले उसके ढाबे पर रुकता था। पुलिस उन अज्ञात लोगों का पता लगाने की कोशिश कर रही है। मृतक के मामा रविन्द्र शर्मा ने बताया कि मुकुल अपने पास 2 मोबाइल रखता था। पुलिस को मृतक के कपड़ों से न तो मोबाइल मिले और न ही उसका पर्स बरामद हुआ। पुलिस अभी युवक की शिनाख्त में जुटी थी कि सेक्टर-3 के कॉल सेंटर से आ रहे कर्मचारियों ने मुकुल की इटीयॉस गाड़ी एचआर 03पी3011 उसके ऑफिस के समीप ढाबे और पेट्रोल पंप के बीच सडक़ पर खड़ी देखी थी। कर्मचारियों ने इस बात की सूचना मुकुल के मकान मालिक दिनेश कुमार को दी।