चंडीगढ़/पंचकूला - रेलवे विभाग में सरकारी नौकरी पाने की चाहत में एक युवक धोखाधड़ी का शिकार हो गया। पंजाब में एक रास्ते में लगी छबील पर पानी पीने के लिये रुके जालसाज ने युवक को झांसे में लेकर उसे नौकरी के लिये चंडीगढ़ बुलाया। युवक जब दादा के साथ कजहेड़ी पहुंचा तब आरोपी उन्हें झांसा देकर उनसे 42 हजार रुपये और दस्तावेज लेकर गायब हो गया। सेक्टर-36 थाना एसएचओ रामदयाल ने बताया कि जिला लुधियाना के रहने वाले युवक कमलजोत सिंह की शिकायत पर अज्ञात व्यक्ति के विरुद्ध धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। शनिवार को पंजाब से चंडीगढ़ आये पीड़ित युवक की निशानदेही पर पुलिस आरोपी को कजहेड़ी में तलाश रही है। आरोपी पीड़ित के सर्टिफिकेटों की कॉपी, एटीएम और उसका मोबाइल लेकर फरार हुआ है।
उसे मोबाइल के जरिये तलाशने की कोशिश की जा रही है। संभव है कि उसके खिलाफ होने पर अन्य मामलों का भी खुलासा हो सकता है। कमलजोत सिंह ने पुलिस को बताया कि बीती 22 को मलेरकोटला में वह पानी की छबील पर सेवा कर रहा था। इस दौरान एक लग्जरी गाड़ी वहां आकर रुकी। व्यक्ति ने उसे खुद को रेलवे का जीएम बता कर उसे अपना मोबाइल नंबर दे दिया। व्यक्ति के कहे अनुसार उसने तडक़े 4 बजे उसे कॉल की और व्यक्ति ने उसे चंडीगढ़ के कजहेड़ी में बुला लिया। पीड़ित ने पुलिस को बताया कि वह और उसके दादा सुखदेव सिंह व्यक्ति के बताए रास्ते पर कजहेड़ी पहुंच गये। व्यक्ति वहां उन्हें एक्टिवा स्कूटर पर मिला।
वह उन्हें स्कूटर पर बिठा कर चल पड़ा। लेकिन कुछ ही दूर जाने पर उसने आंख में मच्छर पडऩे का बहाना बना कर स्कूटर रोक लिया। इस बीच आरोपी ने उसके दस्तावेज मांगे तो उसने एक लिफाफे में उसे डाल कर दे दिये। इसी लिफाफे में 42 हजार रुपये भी थे। बैंकों के एटीएम और देशभगत यूनिवर्सिटी का आई-कार्ड और मोबाइल भी था। आरोपी उनसे बोला कि अफसर के सामने जाने पर उनकी तलाशी होगी। उसने कहा कि वह अफसर से समय लेकर आता है, लेकिन इसके बाद वह लौटकर नहीं आया।