चंडीगढ़- राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग नयी दिल्ली ने पीजीआई चंडीगढ़ को आदेश दिये हैं कि वह अनुपमा के अभिभावकों को शेष सहायता राशि 3 लाख 50 हजार का भुगतान करे। गौरतलब है कि चंडीगढ़ परिवहन उपक्रम (सीटीयू) की बस पर चढ़ते समय छात्रा अनुपमा की टांग कुचली गयी थी, जिसकी पीजीआई में इलाज के दौरान डॉक्टरों द्वारा कोताही बरते जाने के कारण मौत हो गयी थी। यद्यपि पीजीआई अनुपमा के अभिभावकों को पहले ही 13 लाख 50 हजार की राशि बतौर हर्जाना दे चुकी है।
जबकि 21 मई को राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग नयी दिल्ली ने अनुपमा के अभिभावकों को कुल 20 लाख रुपये मुआवजा राशि देने के आदेश दिये थे, जिसमें से सीटीयू पहले ही उन्हें 3 लाख रुपये दे चुकी है जबकि पीजीआई को शेष 17 लाख रुपये अनुपमा के अभिभावकों को देने थे। अभी पीजीआई ने इस राशि में से मात्र 13 लाख 50 हजार रुपये दिये हैं। 17 जुलाई, 2012 को छात्रा अनुपमा (16) का दुर्घटना के बाद पीजीआई ट्रामा सेंटर में तुरंत ऑपरेशन होना था। डॉक्टरों ने लापरवाही बरतते हुए अनुपमा का ऑपरेशन करने में देरी की और उसके शरीर में गैंगरीन एवं सेप्सिस फैल गया, परिणामस्वरूप 24 जुलाई, 2014 को अनुपमा इस संसार को छोडक़र चली गयी। अनुपमा अपने माता-पिता की इकलौती संतान थी।