चण्डीगढ़ 24 फरवरी: आज यहां सैक्टर 30-ऐ में स्थित सन्त निरंकारी सत्संग भवन में निरंकारी श्रद्धालुओं द्वारा गुरू पूजा दिवस के उपलक्ष्य में विशाल सेवादल रैली का आयोजन किया गया जिसमें निरंकारी सेवादल के सैकड़ों सदस्यों जिनमें महिलायें और बच्चे भी शामिल थे ने बढ़ चढ़ कर भाग लिया । इस रैली में सेवादल सदस्यों द्वारा पी टी परेड, मार्चिंग गीत के अतिरिक्त सामाजिक एवं आध्यात्मिक मूल्यों पर आधारित कई कार्यक्रम खेलों के रूप में पेश किए गए इस सेवादल रैली की अध्यक्षता करते हुए यहां के संयोजक श्री मोहिन्द्र सिंह जी ने कहा इस सेवादल रैली में पेश की गई हर आईटम से हमें यही शिक्षा मिलती है कि सत्गुरू द्वारा समय समय पर दिए जाने वाले हर आदेश का हमने पालन करके तथा कमल के फूल की तरह संसार में विचरते हुए मोह-माया से अलग रह कर अपनी जीवन यात्रा को सफल बनाना है और अपने कर्मो द्वारा संसार के जन-जन तक सत्गुरू का सन्देश पहुंचाना है ।
गुरू-पूजा दिवस के उपलक्ष्य में देहली में आउटर रिंग रोड़ पर स्थित निरंकारी सरोवर परिसर में बनाये गये ‘एकत्व के फव्वारे’ को मानवता को समर्पित किया गया। यह फव्वारा ध्वनि, प्रकाश एवं जल के मिश्रण के माध्यम से भक्ति गीतों, ब्रह्मज्ञान और प्रेम रूपी अमृत का प्रतिनिधित्व करता है । इस फव्वारे के गिर्द चार रास्ते भिन्न भिन्न धर्मों, संस्कृतियों और भाषाओं का प्रतिनिधित्व करते हैं जबकि फव्वारा उनके मिलन का प्रतीक है। फव्वारे को मानवता के प्रति समर्पित करते हुए निरंकारी बाबा हरदेव सिंह जी महाराज ने कहा कि यहां पर जल की तरह स पूर्ण सृष्टि और इसकी अनेकता में एकता की सुन्दरता और स्थिरता का स्रोत सर्वशक्तिमान ईश्वर ही है । उन्होंने कहा कि यह फव्वारा मानव मात्र की एकता का सन्देश देता है जिसकी आज विश्व को सबसे बड़ी आवश्यकता है जहंा हर ओर ईष्र्या, घृणा और हिंसा की प्रवृतियां व्याप्त है । निरंकारी सरोवर परिसर अपनी आध्यात्मिकता तथा सौन्दर्य के कारण पर्यटकों के आकर्षण का केन्द्र है।
इस अवसर पर उपस्थित सेवादल के क्षेत्रीय संचालक श्री एच एस ढिल्लों जी ने सेवादल सदस्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि सेवादल के सदस्य अपने गृहस्थ की जि मेवारियों को निभाते हुए यहां तन मन धन से सेवा के लिए बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेते हैं ।