चंडीगढ़ - ट्राईसिटी चंडीगढ़ में मेट्रो परियोजना का रास्ता साफ हो गया है। प्रोजेक्ट को लेकर केंद्रशासित राज्य चंडीगढ़ के अलावा पंजाब एवं हरियाणा के बीच गतिरोध खत्म हो गया है। बृहस्पतिवार को राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी की मौजूदगी में तीनों राज्यों के अधिकारियों ने मेट्रो परियोजना करार पर हस्ताक्षर किए। अब ग्रेटर चंडीगढ़ परिवहन निगम नाम से कंपनी बनेगी।
शुरू में 100 करोड़ रुपये का फंड इकट्ठा किया जायेगा। राज्यपाल की मौजूदगी में हुए समझौते पर चंडीगढ़ प्रशासक के सलाहकार विजय कुमार देव, हरियाणा के टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव पी राघवेंद्र राव और पंजाब के टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग के प्रधान सचिव ए वेणुप्रसाद ने हस्ताक्षर किए। चंडीगढ़ को स्मार्ट सिटी में शामिल किया जा चुका है।
स्मार्ट सिटी विकसित करने की योजना पीएम ने बनाई है। इस परियोजना के लिये हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़ तथा भारत सरकार की बराबर 25-25 प्रतिशत की भागीदारी होगी। एक बोर्ड बनाया जायेगा। इसके डायरेक्टरों में केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय के तीन प्रतिनिधि, दो प्रतिनिधि पंजाब और दो हरियाणा के होंगे। अध्यक्षता व बागडोर केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय के सचिव के हाथ होगी। पूर्णकालिक प्रबंध निदेशक की नियुक्ति बोर्ड आफॅ डायरेक्टर्स के परामर्श से होगी।