चंडीगढ़ - यूटी प्रशासन द्वारा धनास की कच्ची कॉलोनी को हटाये जाने के फैसले के विरुद्ध सोमवार को कालोनीवासियों ने सेक्टर 17 पहुंचकर प्रदर्शन किया तो पुलिस ने न सिर्फ महिलाओं बल्कि उनके साथ आए बच्चों के अलावा बुजुर्गों को भी खदेडक़र उन पर लाठियां भांजी। पुलिसकर्मी जब प्रदर्शनकारियों को खदेडक़र लाठी भांज रहे थे, तो कई मीडिया कर्मियों को भी चोटें आईं। पुलिसकर्मियों और प्रदर्शनकारियों के बीच चले पत्थर, आंसू गैस के गोले, लाठियों से कई नागरिकों सहित लगभग 30 लोग गंभीर रूप से चोटिल हुये।
पुलिस ने 100 से अधिक प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार कर लिया। इनमें वे महिलाएं व बुजुर्ग भी शामिल थे, जिन्हें पुलिसकर्मियों के साथ हुई झड़प में गंभीर चोटें भी आई थीं। चंडीगढ़ पुलिस के अनुसार झड़प में पुलिस के भी 18 जवान घायल हुए हैं, जिनमें महिला सब इंस्पैक्टर जसविंदर कौर भी शामिल हैं। याद रहे कि प्रशासन ने 30 जून तक धनास की सरकारी जमीन पर से अवैध कॉलोनी को हटाये जाने के निर्देश जारी किये हुए हैं।
सुबह 10 बजे कॉलोनीवासियों ने उपायुक्त कार्यालय का घेराव किया। करीब 500 लोगों ने प्रशासन और मौजूदा भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। जिला उपायुक्त डॉ. एसबी दीपक कुमार ने कॉलोनीवासियों के एक प्रतिनिधिमंडल से बातचीत करने के लिये उन्हें कार्यालय बुलाया और बातचीत से पहले धरना-प्रदर्शन बंद करने के लिये कहा। लेकिन जब प्रदर्शनकारियों ने जिला उपायुक्त की नहीं सुनी तो उपायुक्त ने प्रतिनिधिमंडल से मिलने से इंकार कर दिया।
उनके इस जवाब के बाद जब कॉलोनीवासियों ने उपायुक्त कार्यालय की ओर बढऩे की कोशिश की, तो पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिये लाठीचार्ज किया, जिसमें महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों पर भी लाठियां भांजी गईं। कई अन्य लोग, जो रोज की तरह अपने निजी काम के सिलसिले में उपायुक्त से मिलने पहुंचे थे, उन पर भी पुलिस ने बेरहमी से लाठियां भांजी और कई लोगों को गंभीर चोटें आईं, जिन्हें सेक्टर-16 के सामान्य हस्पताल में मेडिकल करवाने के लिये भेजा गया। कॉलोनीवासियों को पुलिस ने उपायुक्त आफिस में ही नजरबंद कर दिया। उन्हें डीसी से मुलाकात भी करने नहीं दी गई।