चंडीगढ़ - 16 साल की अनुपमा सरकार जिसकी 2012 में सडक़ हादसे के बाद पीजीआई में मौत हो गयी थी, के माता-पिता को कुछ राहत मिली है। राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग नयी दिल्ली द्वारा 21 मई को मुआवजा अदायगी संबंधी दिये गये निर्णय के अनुसार पीजीआई के निदेशक ने मुआवजे की अदायगी के लिए 13,50,000 की राशि स्वीकृत कर दी है। इस आदेश की प्रति आज यहां प्राप्त हुई।
आयोग ने पीजीआई को 17 लाख मुआवजा माता-पिता अमित सरकार तथा कुनिका सरकार को देने के आदेश दिये थे, जिसमें से साढ़े तीन लाख रुपये 2013 में पूर्व आदेश के बाद आयोग के पास जमा करवा दिए गये थे। माता-पिता को सीटीयू द्वारा दिये गये तीन लाख रुपये पहले ही प्राप्त हो चुके हैं।
सरकार परिवार के वकील पंकज चांदगोदिया के अनुसार पीजीआई द्वारा राशि स्वीकृत किये जाने से वह अब इस मामले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती नहीं देंगे। राष्ट्रीय आयोग के समक्ष इस मामले की अगली तिथि 31 जुलाई निर्धारित की गयी है। उल्लेखनीय है कि स्कूली छात्रा अनुपमा की 17 जुलाई 2012 को सीटीयू बस के नीचे आने से टांग टूट गयी थी और पीजीआई में उपचार के दौरान लापरवाही के चलते उसकी मौत हो गयी थी।