पंचकूला - सेक्टर 6 के सामान्य अस्पताल में देर रात 7 बच्चों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। इससे अभिभावकों में रोष पनप गया। परिजनों ने आरोप लगाया कि बच्चों को लगने वाला एंटीबॉयोटिक इंजेक्शन रिएक्शन करने से बच्चों की तबीयत खराब हो गयी, हालांकि समय रहते डाक्टरों ने बच्चों का उपचार कर उन्हें सामान्य कर दिया।
चिल्ड्रन वार्ड में उपचाराधीन बच्चों को जब नर्स द्वारा एंटीबॉयोटिक इंजेक्शन लगाया गया तो बच्चों की छाती में दर्द, उल्टियां और दिल की धडक़न तेज होनी शुरू हो गई थी। यह देखकर परिजनों में हडक़ंप मच गया। परिजनों द्वारा डाक्टरों को यह मामला बताते ही अस्पताल स्टाफ ने बच्चों को इंजेक्शन लगाने बंद कर दिए। एक बच्चे की मां इंद्रावती के अनुसार उपचार के लिए भर्ती बच्चों ने छाती में दर्द की शिकायत की।
हालांकि तब बच्चों को टीका लगाया जा रहा था। कुछ ही समय बाद अन्य बच्चों ने भी छाती में दर्द और उल्टियों के साथ साथ घबराहट की शिकायत की तो डाक्टरों के हाथ-पांव फूल गये। डाक्टरों ने तुरंत उनका इलाज शुरू कर दिया। अस्पताल में ड्यूटी पर मौजूद स्टाफ नर्स के अनुसार जब उनके द्वारा बच्चों को इंजेक्शन लगाये जा रहे थे तो बच्चों ने तबीयत खराब होने की शिकायत की और उसी समय अन्य बच्चो को इंजेक्शन लगाने बंद कर दिए गए।
उन्होंने कहा कि यह इंजेक्शन एक एंटीबायोटिक इंजेक्शन है और अस्पताल द्वारा ही बच्चों के उपचार के लिए लगाये जा रहे थे। अस्पताल के रेजिडेंट डाक्टर देवेन्द्र का कहना था कि एमरजेंसी और अन्य वार्ड में भी एंटीबॉयोटिक इंजेक्शन लगाये गये थे, संभव है कि बच्चों का स्वास्थ्य बिगडने का कोई दूसरा कारण था। इस स्थिति से निपटने के लिये बिना देरी किये बच्चों का इलाज करते हुए उन्हें सामान्य कर दिया गया।