चंडीगढ़ - अब बच्चों को स्कूल में एडमिशन लेने के लिए बर्थ सर्टिफिकेट जमा करना होगा। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने डेट ऑफ बर्थ का सही रिकार्ड रखने के लिए हरियाणा, पंजाब और यू.टी. को यह निर्देश दिया है। हाइकोर्ट ने सभी सरकारी, पब्लिक और प्राईवेट स्कूलों को आदेश दिया है कि बच्चों को प्रवेश देने से पूर्व रजिस्ट्रार जन्म-मृत्यु द्वारा जारी जन्म प्रमाण पत्र को अनिवार्य करें। आदेश में यह भी कहा गया है कि प्रमाणपत्र पेश न करने पर प्रवेश न दिया जाए।
हाईकोर्ट में सिंगल बेंच के फैसले को चुनौती देते हुए याचिका दायर की गई थी। याचिका में कहा गया था कि याची की स्कूल सर्टिफिकेट में जन्म तिथि 4 जुलाई 1992 है जबकि उसकी असल जन्म तिथि 4 जुलाई 1991 है। ऐसे में इस जन्म तिथि को बदलने के आदेश दिए जाएं। हाईकोर्ट ने मामले में साफ किया कि बालिग होने के तीन वर्ष बाद जन्म तिथि में संशोधन के लिए आवेदन नहीं किया जा सकता है। साथ ही हाईकोर्ट ने मामले के बड़े स्तर पर लोगों से जुड़ा होने के चलते इस बारे में हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ के स्कूलों को निर्देश जारी कर जन्म प्रमाण पत्र जमा करने के बाद एडमिशन देने की बात कही है।