चंडीगढ - शिक्षा विभाग के डीपीआई आफिस का माहौल आज उस वक्त गरमा गया जब डड्डूमाजरा के गर्वर्नमेंट माडल स्कूल की पांचवीं कक्षा में पढऩे वाली छात्रा के अभिभावकों ने वहां जोरदार हंगामा कर दिया। अभिभावक अपनी बेटी को स्कूल टीचर द्वारा मारने, डराने और धमकाने की शिकायत देने आए थे। लेकिन डीपीआई ने उनकी शिकायत को न लेते हुए बहसबाजी की और उन्हें डांट कर कमरे से बाहर निकाल दिया जिसके बाद गुस्साए अभिभावकों ने डीपीआई आफिस के बाहर आकर नारेबाजी शुरू कर दी।
डड्डूमाजरा निवासी मंजीत सिंह की 10 वर्षीय बेटी सेक्टर 38 वेस्ट के सरकारी मॉडल हाई स्कूल में पढ़ती है जिनका आरोप है की उसकी टीचर उसके साथ अभद्र वयवहार करती है। उसको मारती है और धमकाती है जिसकी शिकायत स्कूल प्रिंसीपल से की थी। पर उन्होंने भी कोई कार्रवाई नहीं की। उन्होंने बताया की उनकी बेटी सहमी हुई है और 2 दिन से स्कूल नहीं जा रही और 2 दिन से बीमार है। यही नहीं वह अब स्कूल जाने के नाम से भी डरती है।
बेटी ही हालत को देखते हुए वे जब डीपीआई आफिस गये तो डीपीआई ने उनके साथ बदसलूकी की और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया। यही नहीं मंजीत सिंह ने आरोप लगाया की उन्हें धक्का मारकर कमरे से बाहर निकाल दिया। मंजीत सिंह ने अब डीपीआई की शिकायत प्रशासक के सलाहकार, आईजी चंडीगढ़ पुलिस और एससी एसटी कमिशन को की है। इस सम्बन्ध में डीपीआई कमलेश भादू का कहना है कि संबंधित अभिभावक दलित समाज के प्रधान को लेकर आए थे जो कि शिकायत करने की बजाय उनसे बदसलूकी कर रहे थे। उन्होंने बताया कि उन्होंने भी इस मामले की शिकायत पुलिस को दे दी है जिसमें उन्होंने सरकारी काम में बाधा डालने और शोर शराबा करने का आरोप लगाया है।