चंडीगढ़ - हरियाणा के वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने कहा कि पिछली सरकार के समय पंचकूला में हुडा द्वारा साल 2011 में आवंटित किए गए इंडस्ट्रीयल प्लॉटों की जांच से पता चला है कि अलॉटमेंट प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी रही और मुख्यमंत्री के विशेष करीबी अधिकारियों व अन्य लोगों को प्लॉट अलॉट किए गए। हालांकि, मामले को अदालत में चुनौती दी जा चुकी है, लेकिन सरकार किसी सदस्य की ओर से मांगी गई जानकारी सदन पटल पर रखने में सक्षम है।
वित्त मंत्री ने यह जवाब विधायक टेकचंद शर्मा के एक प्रश्न के उत्तर में सदन को दी। उन्होंने बताया कि इन प्लाटों के लिए कुल 582 एप्लीकेशन आई थीं। हुडा का दरें 6400 रुपये प्रति वर्ग गज की थी, परंतु कलैक्टर रेट इससे तीन गुना से अधिक थे। अलॉटियों को हुडा की दर पर प्लॉट दिए गए। उन्होंने कहा कि इसमें कुल 14 प्लॉट अलॉट किए गए थे, जिनमें 1280 वर्ग मीटर का एक, 1000 वर्ग मीटर के नौ तथा 496 वर्ग मीटर के चार प्लॉट थे।