चंडीगढ़ - जगत फार्मा बरेली ने अपनी अद्भुत औषधि आइसोटीन प्लस आई ड्रॉप्स लांच की, जो कि बिना ऑपरेशन के ही मोतियाबिंद से छुटकारा दिलाने में कारगर है। आइसोटीन प्लस आई ड्रॉप्स को पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ के लॉ ऑडिटोरियम में 12 मार्च से शुरू हो रहे चार-दिवसीय आरोग्य एक्सपो में विशेष तौर पर प्रस्तुत किया जा रहा है। इसके स्टॉल नंबर 63-64 पर मुफ्त नेत्र परीक्षण और सलाह उपलब्ध रहेगी। यह जानकारी कंपनी के जीएम- मार्केटिंग एवं नेत्र चिकित्सक डॉ. मनदीप सिंह बासू ने पत्रकारों को दी।
दुनिया में अभी तक मोतियाबिंद का ऑपरेशन ही होता आया है, परंतु ऑपरेशन के बाद 20-25 प्रतिशत तक नजर किसी न किसी कारण से वापस नहीं आ पाती है। अगर ऑपरेशन बहुत अच्छा हो भी गया हो तो यह जरूरी नहीं कि नजर बहुत अच्छी आ जाये और यदि नजर पूर्ण रूप से वापस आ भी जाती है तो कुछ वर्षों के बाद धीरे-धीरे कम होकर खत्म हो जाती है। इसका प्रमुख कारण है आंख की पुतली (रेटीना) में किसी बीमारी के चलते नुकसान पहुंचना। ये बीमारियां हैं- डायबिटिक रेटिनोपैथी, कलर ब्लाइंडनेस, रेटिनाइटिस पिगमेन्टोसा, दूर व पास का दृष्टिदोष और कालापानी आना आदि।
दुनिया में नेत्रहीनता की सबसे बड़ी वजहों में से यह प्रमुख है। जगत फार्मा के संस्थापक नेत्र चिकित्सक डॉ. एम एस बासू अपनी आयुर्वेदिक पेटेंटीकृत दवा आइसोटीन आई ड्रॉप्स की मदद से मोतियाबिन्द के हजारों मरीजों को बिना ऑपरेशन के ठीक कर चुके हैं। ऐसे मरीज भी ठीक किये गये हैं, जिनका मोतियाबिंद के ऑपरेशन के बाद या किसी भी अन्य रोग के चलते रेटीना खराब हो गया था। मथुरा से आये गोपाल सिंह, रामपुर के चन्दन सिंह बोरा, टोरन्टो (कनाडा) के श्रीनिवास ऐसे रोगियों में से थे जिन्हें केवल टॉर्च की रोशनी दिखाई देती थी। तीन-चार माह के इलाज के बाद सभी की आंखों में रोशनी वापस आ गई।