चंडीगढ़ - चंडीगढ़ के प्रतिभावान चित्रकार हेमंत मल्होत्रा की एकल कला प्रदर्शनी - एक्सप्रेशंस-2 पंजाब कला भवन में शुरू हुई। प्रदर्शनी 9 नवंबर तक जारी रहेगी। दर्शकों के लिए यह प्रतिदिन सुबह 11 बजे से शाम 7 बजे तक खुली रहेगी। लोकप्रिय कलाकार, मूर्तिकार व डिजाइनर शिव सिंह ने प्रदर्शनी का उद्घाटन किया।
कैनवास पर ऑयल एवं एक्रिलिक पदार्थों के मिश्रण से तैयार 56 पेंटिंग्स इस प्रदर्शनी में शामिल की गई हैं। ये पेंटिंग्स हेमंत मल्होत्रा ने पिछले दो वर्षों के दौरान तैयार की हैं। यह प्रदर्शनी गत वर्ष आयोजित उनके आर्ट शो- एक्सपे्रशंस की दूसरी कड़ी है। सभी पेंटिंग्स रंगों का गुबार सा पैदा करती हैं। कुछ में आकृतियों पर जोर है, तो कुछ में रंगों पर।
प्रदर्शित चित्रों में हेमंत ने प्रकृति के मनोहारी रूप का कैनवस पर उकेरा है। इनके विविध रंग दिमाग में कई तरह छवियों को उभारते हैं। ये पेंटिंग्स सोचने पर मजबूर करती हैं कि जिंदगी के विविध रंग कितने खूबसूरत व सुकून भरे हैं।
चित्रों के विषय विविधता भरे हैं, लेकिन ये रोजमर्रा के जीवन एवं प्रकृति के विभिन्न रंगों को दर्शाते हैं। चित्रों की एक शृंखला खिडक़ी से दिखाई देते दृश्यों की है, तो दूसरी शृंखला में विभिन्न ऋतुओं के रंगों और शेड्स को पकडऩे की कोशिश की गयी है। इस काम में कई तरह का मीडिया बड़ी खूबसूरती से प्रयोग में लाया गया है। इनके चित्र आसानी से समझ में आने वाले हैं। इनके पीछे की भावना सरलता से समझी जा सकती है।
इस वर्ष दो थीम्स पर उनका खासा जोर रहा है- ऋ तुएं और क्षितिज। पहली शृंखला में छह ऋतुओं का प्रतिनिधित्व करती छह पेंटिंग्स हैं। इनमें वृक्षों के विविध रंगों के जरिये ऋतुओं का मिजाज पकडऩे की कोशिश है। दूसरी सीरीज में स्काई लाइन को दर्शाती पांच पेंटिंग्स हैं, जिनमें पहाड़, मैदान और मौसम का समावेश है। कुछ नयी तस्वीरें दिन के अलग समय पर पहाड़ को पेश करती हैं, तो कुछ में फूलों की मस्ती है।
मूर्तिकार शिव सिंह ने हेमंत के हुनर की प्रशंसा करते हुए कहा कि हेमंत में संरचना और संतुलन की अद्भुत समझ है। वे सामान्य एलीमेंट्स के साथ विविध माध्यमों का प्रयोग करते हैं और कुछ नयी बनावट पैदा कर देते हैं। हेमंत में कला की समझ है और मैं इनके कार्य का बहुत बड़ा प्रशंसक हूं।’
हेमंत मल्होत्रा ने बताया कि असल जिंदगी में जो दृश्य बड़ी तेजी से विस्मृत हो जाते हैं, उन्हीं को पेंटिंग्स में यादगार बनाने की एक कोशिश उन्होंने की है। मैंने प्रकृति के सुंदर रंगों को पकडऩे का प्रयास किया है। इनमें काले रंग से लेकर आकाश पर नजर आते चटकीले नीले, मेजेंटा तक अनेक रंग हैं।
हेमंत बचपन से ही चित्रकारी करते रहे हैं। वर्ष 1976 में चंडीगढ़ में उनकी पहली एकल प्रदर्शनी लगाई थी। उन्होंने कॉमर्स एवं आर्ट्स में एजूकेशन ली है। वे दून स्कूल, देहरादून के पूर्व छात्र हैं। इंडियन ओवरसीज बैंक के साथ एक आईटी विशेषज्ञ अधिकारी के रूप में वे कई वर्षों तक जुड़े रहे।