चंडीगढ़ - चण्डीगढ़ के पूर्व सांसद एवं भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय कार्यसमिति के सदस्य सत्य पाल जैन ने चंडीगढ़ प्रशासन से मांग की है कि वह सैक्टर 45 में केन्द्र सरकार द्वारा केन्द्रीय सरकार के पेंशनर्ज के लिये चल रही डिस्पैंसरी को वहां से हटाने का फैसला तुरन्त वापिस ले।
चंडीगढ़ के प्रशासक के सलाहकार के. के. शर्मा को लिखे एक पत्र में जैन ने कहा कि चंडीगढ़ के लगभग 25-30 हज़ार केन्द्रीय सरकार के पैंशनर्स है जिनके लिये सारे क्षेत्र में केवल एक ही डिस्पैंसरी है, जो श्री जैन ने तब खुलवाई थी जब वे चंडीगढ़ से लोक सभा के सदस्य थे। उन्होंने कहा कि पिछले 15 वर्षो में यहां के कांग्रेसी सांसद इस डिस्पैंसरी को बड़ा करने के लिये एक कमरा भी अलॉट नहीं करवा पाये। उल्टा यहां का प्रशासन पिछले 2 वर्षो से इस डिस्पैंसरी को यहां से ही हटवाने पर आमदा हो गया है।
जैन ने कहा कि चंडीगढ़ के आसपास पेंशनर्ज की भारी संख्या को देखते हुये यहां कम से कम 4 और डिस्पैंसरियां खोलने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि उन्होंने इस सम्बंध में पहले ही केन्द्रीय स्वस्थय मंत्री डॉ. हर्ष वर्धन से भी निवेदन किया है कि वे चंडीगढ़ में केन्द्रीय सरकार के पेंशनर्ज के लिये कम से कम 4 और डिस्पैंसरियां खोले तथा उन्हें पूर्ण विश्वास है कि वे केन्द्र सरकार से 4 और डिस्पैंसरियां खुलवाने में अवश्य सफ़ल होंगे।
सैक्टर 45 की इस केन्द्रीय सरकार की पेंशनर्ज डिस्पैंसरी से दवाई लेने वाले हजारों लोगों में 80-90 वर्ष की आयु के बुजुर्ग भी शामिल है। इसलिये चंडीगढ़ प्रशासन इस डिस्पैंसरी को वहां तब तक चलने दे जब तक कि केन्द्र सरकार और अधिक डिस्पैंसरियां नहीं खोल देती। उन्होंने अपने पत्र के साथ चंडीगढ़ प्रशासन के एस्टेट ऑफिस द्वारा इस डिस्पैंसरी को वहां से हटने के आदेश की प्रति तथा इस सम्बंध में केन्द्रीय सरकार के पेंशनर्ज के एक प्रतिनिधिमंडल द्वारा इस सम्बंध में उन्हें दिये गये ज्ञापन की प्रति भी लगाई है।