चंडीगढ़ - दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान के संस्थापक आशुतोष महाराज की समाधि अवस्था को लेकर आज पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान हाईकोर्ट ने डेरा प्रबंधन से पूछा कि यदि महाराज समाधि अवस्था में हैं तो फिर उन्हें फ्रिज में क्यों रखा गया है?
महाराज को अपना पिता बताने का दावा करने वाले दिलीप कुमार झा से जस्टिस एमएमएस बेदी ने पूछा कि संविधान में कहां लिखा है कि बेटे को पिता का शव मिलना चाहिए? और अंतिम संस्कार करना बेटे का मौलिक अधिकार है? डेरे से भी हाईकोर्ट ने जवाब तलब करते हुए पूछा कि समाधि की स्थित पर उनका क्या कहना है। हाईकोर्ट ने डेरे से पूछा कि समाधि की स्थिति में बायोलॉजिकल क्रियाएं रुक जाती हैं, लेकिन शव को कोई क्षति नहीं होती। फिर उन्हें फ्रिज में क्यों रखा गया है। हाईकोर्ट ने मामले पर 11 सितंबर के लिए अगली सुनवाई तय की है।