चंडीगढ: स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी ने हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद शहर के सभी प्राइवेट और सरकारी स्कूलों में 1 सितम्बर से ऑटो रिक्शा पर बच्चों को स्कूल भेजने और अभिभावकों को जागरूक करने की हिदायतें दी हैं। जबकि सरकारी स्कूलों के मैनेजमैंट के अधिकारियों की दलील थी कि सरकारी स्कूलों में पढऩे वाले बच्चों के अभिभावक गरीब होते हैं। ऑटो रिक्शा की पाबंदी को लेकर अभिभावकों को जागरूक करने के लिए सरकारी स्कूलों ने खास व्यवस्था की है। इसी मुददे को लेकर सरकारी मॉडल सीनियर सैकेंडरी स्कूल सैक्टर-16 की प्रिंसीपल अनुजीत कौर ने बताया कि उन्होंने पत्र मिलते ही सबसे पहले अभिभावकों इसकी सूचना फोन करके दी है।
उन्होंने कहा कि इस आदेश को पूरी तरह से लागू करने के लिए वह अधिक से अधिक अभिभावकों को इसकी जानकारी दे रही हैं। जबकि सरकारी मॉडल सीनियर सैकेंडरी स्कूल सैक्टर-10 प्रिंसीपल हरबीर आनंद ने बताया कि स्कूल के शिक्षकों ने कक्षा के छात्रों के अभिभावकों को संपर्क कर जागरूक किया। वहीं प्राइवेट स्कूलों में कार्मल कॉन्वैंट स्कूल सैक्टर-9 सहित अन्य स्कूलों ने छात्रों को लिखित में पत्र लिखकर इस संबंध में जानकारी दी और उन्हें ऑटो रिक्शा के इस्तेमाल न करने का आग्रह किया। वहीं इस संबंध में अभिभावकों की मिली-जुली राय रही। कई अभिभावकों ने कहा कि वे ऑटो रिक्शा के जरिए ही बच्चे भेज सकते है, क्योंकि वे अधिक खर्चा उठा नहीं सकते। तो कुछ अभिभावकों ने इस आदेश की सराहना की।