चंडीगढ़ - पत्नी से विवाद के चलते डिप्रैशन के शिकार हाईकोर्ट के एडवोकेट अविनाश ठाकुर ने बुधवार को आत्महत्या कर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। हालांकि उसने सुसाइड नोट भी छोड़ा जिसमें आत्महत्या के लिए खुद को जिम्मेदार बताया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर मृतक की पत्नी से भी पूछताछ शुरू कर दी है।
पुलिस के मुताबिक 35 वर्षीय एडवोकेट अविनाश ठाकुर ने सल्फास निगल कर आत्महत्या की। हालांकि पोस्टमार्टम के बाद ही मौत के कारणों का पता चल सकेगा। शव को सेक्टर 16 के जनरल अस्पताल में रखवा दिया गया है। पुलिस की जांच में सामने आया कि अविनाश ठाकुर का पत्नी मंजू से अलगाव के चलते न्यायालय में तलाक का केस चल रहा था। दंपति के 2 बच्चे हैं जो पिता के पास रह रहे थे। न्यायालय के निर्देशों पर पत्नी से मिलने के लिए अविनाश ठाकुर बुधवार को सेक्टर 22 में अपनी पत्नी के घर मिलने के लिए आया हुआ था। इस बीच वह एक कमरे में लेट गया और भीतर से दरवाजा बंद कर लिया। कुछ समय बाद जब मंजू वहां आई तो उसने अविनाश को आवाज दी, लेकिन उसने दरवाजा नहीं खोला।
मामला संदिग्ध देखते हुए उसने अविनाश के भाई को वहां बुला लिया। भाई ने वहां आकर दरवाजा खोला तो देखा कि अविनाश बिस्तर पर अचेत पड़ा हुआ था। उन्होंने तुरंत उसे अस्पताल पहुंचाया, जहां कुछ समय चले उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया।