चंडीगढ़ - इमिग्रेशन को लेकर जालसाजी की बढ़ती घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए न्यूजीलैंड लाइसेंस्ड इमिग्रेशन एडवाइजर अमर मनचंदा, जो कि एम्बीशन इमिग्रेशन, न्यूजीलैंड और एआईएमएस ग्लोबल एजुकेशन, चंडीगढ़ के संस्थापक डायरेक्टर हैं, ने आज चंडीगढ़ पुलिस से अपील की कि वे शहर में इस प्रकार के संदिग्ध जालसाजों के खिलाफ एक विशेष अभियान शुरू करें। उन्होंने शहर में एक जागरूकता अभियान शुरू किए जाने की भी अपील की ताकि आम लोगों को बिना लाइसेंस के इमिग्रेशन संबंधी सलाह देने वाले एजेंट्स की चंगुल से बचाने के लिए शिक्षित किया जा सके।
मीडिया कर्मियों को संबोधित करते हुए मनचंदा, जो कि बोर्ड ऑफ न्यूजीलैंड एसोसिएशन ऑफ इमिग्रेशन प्रोफेशनल्स (एनजैडएआईपी) के सदस्य भी हैं, ने कहा कि इस प्रकार के अपराधों को रोकने के लिए कड़े कानूनों की जरूरत है। ऐसे सख्त कानूनों की कमी के चलते अक्सर भोले-भाले लोगठगी का शिकार बन जाते हैं। उन्होंने बताया कि इमिग्रेशन न्यूजीलैंड (आईएनजैड) ने हाल ही में ऐसे ही स्थाई नागरिकता के 50 से अधिक आवेदनों को इसलिए खारिज कर दिया क्योंकि जांच के बाद पाया गया कि उन्हें गैर-लाइसेंसशुदा इमिग्रेशन एडवाइजर के माध्यम से जमा करवाया गया था।
उन्होंने कहा कि न्यूजीलैंड का माइग्रेशन प्रोग्राम बीते माह बीते एक दशक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है। न्यूजीलैंड में इस साल मई में 36,400 आप्रवासियों को पीआर दी है जो कि नवंबर, 2003 के बाद सर्वाधिक है। इन प्रवासियों में सर्वाधिक 6600 भारत से हैं।
न्यूजीलैंड में हुई हाल की एक घटना के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि एक 56 वर्षीय महिला को ऑकलैंड डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने बिना लाइसेंस के इमिग्रेशन सलाह देने के मामले में दोषी पाया और 10 हजार डॉलर का जुर्माना भी लगाया है। उन्होंने कहा कि अगर इस संबंध में यहां पर भी सख्त कानूनों को लागू किया जाए तो ऐसे गुमराह करने वाले एजेंट्स पर रोक लगाई जा सकेगी जो कि इन दिनों इस क्षेत्र में काफी तेजी से बढ़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि एम्बीशन इमिग्रेशन सितंबर, 2014 में चंडीगढ़ में कई जागरूकता सेमिनार भी आयोजित करने जा रही है।
मनचंदा ने बताया कि न्यूजीलैंड सरकार ने इस पूरी प्रक्रिया को काफी सादा बना दिया है ताकि जो लोग भी न्यूजीलैंड में इमिग्रेशन करना चाहते हैं और उन्हें काफी सुविधा रहे। उन्होंने कहा कि इससे वहां पढ़ रहे बच्चों के मां-बाप के लिए भी काफी आसानी हो गई है। वहीं उनके जीवनसाथी को अब काफी आसानी से न्यूजीलैंड में आकर रहने की सुविधा हो गई है। इसके साथ ही अब न्यूजीलैंड में निवेश करने वाले उद्यमियों के लिए भी प्रक्रिया को काफी आसान बना दिया गया है। इस सब के बावजूद बहुत सारे जालसाज एजेंट अपने ग्राहकों से इस सारी जानकारी को छिपाए रखते हैं।
मनचंदा ने कहा कि हाल ही में चंडीगढ़, पंजाब और हरियाणा के कई लोगों ने अपने इमिग्रेशन संबंधी मामलों के लिए उनसे संपर्क किया। इनमें से अधिकांश ऐसे ही गैर-लाइसेंसशुदा और अवैध इमिग्रेशन एजेंट्स द्वारा की गई जालसाजी का शिकार हुए थे, जिन्होंने जालसाजी से सारे दस्तावेज तैयार किया और वीजा के लिए उनके आवेदन झूठी जानकारियों के साथ इमिग्रेशन न्यूजीलैंड के पास जमा करवा दिए। इसलिए मैंने इन सभी लोगों के आधार पर ही स्थानीय पुलिस से भी संपर्क किया और पूरे मामले की जानकारी प्रदान की।
चंडीगढ़ पुलिस के इंस्पेक्टर जनरल को दी गई जानकारी में मनचंदा ने कहा कि कई स्थानीय एजेंसीज और एजेंट्स नकली शादियों को करवाने की जालसाजी में शामिल हैं। वहीं वे नकली वर्क एक्सपीरिएंस सर्टीफिकेट, एकेडमिक दस्तावेज और बैंक एफडीआर एवं स्टेटमेंट्स आदि तैयार कर अपने ग्राहकों के वीजा आवेदनों के साथ लगा रहे हैं ताकि उन्हेंं संबंधित हाई कमीशन में जमा कर वीजा प्राप्त किया जा सके।
उन्होंने कहा कि कुछ स्थानीय एजेंसीज और पंजाब एवं हरियाणा में उनके सब-एजेंट्स के नेटवर्क के चलते इमिग्रेशन जालसाजी का कारोबार चंडीगढ़ में लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में वे चंडीगढ़ पुलिस से अपील करते हैं कि पुलिस आम लोगों में जागरूकता का स्तर बढ़ाने के लिए एक बड़ा अभियान चलाए ताकि लोगों को ऐसे नकली और बिना लाइसेंस के काम करने वाले कथित सलाहकारों की चंगुल में फंसने से बचाया जा सके। चंडीगढ़ पुलिस को शहर के लोगों को इमिग्रेशन फ्रॉड्स से बचाने के लिए इन जालसाज इमिग्रेशन एजेंसीज की लगातार जांच करनी चाहिए।