चंडीगढ - पांचवें भारतीय एंटीना सप्ताह की आज यहां होटल जेडब्ल्यू मैरियट में शुरुआत हो गयी। शुक्रवार तक चलने वाली कार्यशाला व सम्मेलन में देश-विदेश के अनेक तकनीकी विशेषज्ञ एवं शोध छात्र हिस्सा ले रहे हैं। रक्षा से लेकर संचार साधनों में एंटीना का प्रयोग हर कहीं होता है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी एंटीना से निकलने वाली विकिरण के बारे में कई तरह के शोध हो रहे हैं।
जन-जीवन एवं सुरक्षा से जुड़ी इस महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकी के बारे में सीखने-सिखाने और नये शोधों की जानकारी के आदान-प्रदान के लिए इस सम्मेलन का आयोजन नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टैक्नीकल टीचर्स ट्रेनिंग एंड रिसर्च, चंडीगढ़ ने किया है। आयोजन में पंजाब टैक्नीकल यूनिवर्सिटी, जालंधर एवं इंस्टीट्यूट ऑफ इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियर्स एपी-एमटीटी के कोलकाता चैप्टर का विशेष सहयोग है।
अमेरिका, ताइवान और सिंगापुर से एंटीना विशेषज्ञ कार्यशाला को संबोधित करेंगे। एंटीना प्रौद्योगिकी के विकास और संभावनाओं पर करीब पचास पर्चे पढ़े जाने हैं। कार्यक्रम में एंटीना डिजायनर, पेटेंट होल्डर, विदेशों से आये एक्सपर्ट, एनआईटी, रक्षा अनुसंधान विकास संगठन, विश्वविद्यालयों व उद्योगों के 200 से अधिक प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं।
भारतीय एंटीना सप्ताह के मुख्य आयोजक एवं एनआईटीटीअीआर चंडीगढ़ में एजूकेशनल टीवी सेंटर के हेड व प्रोफेसर, डॉ. एस एस पटनायक ने बताया, ‘एक सप्ताह तक चलने वाली यह रेजीडेंशियल वर्कशॉप वैज्ञानिक व तकनीकी सूचनाओं के आदान-प्रदान का एक आदर्श मंच है। इसे हमने शैक्षिक और औद्योगिक दोनों स्तरों पर उपयोगी बनाने का प्रयास किया है, ताकि एंटीना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में देश-विदेश के स्तर पर आपसी सहयोग बढ़े।’
ईवेंट का उद्देश्य है पूरे उद्योग को एक लेवल पर लाना, बाजार की नयी संभावनाओं का मूल्यांकन करना, नयी प्रौद्योगिकी को लागू करना और भविष्य में इस प्रौद्योगिकी के नये प्रयोगों पर विचार करना। मानवता की भलाई के लिए शोधकर्ताओं, उद्योगों और तकनीकी शिक्षा संस्थानों को आपस में जोडऩा भी इसका एक उद्देश्य है।
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टैक्नोलॉजी, तिरुचिरापल्ली में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग के प्रोफेसर, डॉ. एस राघवन ने कहा, ‘इंडियन एंटीना वीक के मौजूदा आयोजन में एंटीना, प्रोपेगेशन एवं मेजरमेंट्स - तीनों ही श्रेणियों के विशेषज्ञों को हम सब सुनेंगे। वे प्रतिभागियों के साथ अपने विचार, विजन और अनुभव सांझा करेंगे।’