चंडीगढ़ - भारत में हार्ट फेल होने की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। दुनिया भर में करीब दो करोड़ लोग इस समस्या से दो-चार हो रहे हैं, जिनमें लगभग 20 लाख केस हर साल भारत में हो रहे हैं। इनमें से एक-तिहाई को बहुत एडवांस्ड लेवल के इलाज की जरूरत होती है। ऐसे मरीजों को भारत में ही इलाज की सुविधा देने के लिए देश में पहली बार फोर्टिस हैल्थकेअर लिमिटेड ने अपने मलार सेंटर में अब तक का सबसे बड़ा हार्ट फेल्योर प्रोग्राम शुरू किया है, जहां पूरी तरह से प्रत्यारोपण के लिए तैयार कृत्रिम हृदय भी मिलते हैं।
फोर्टिस हैल्थकेअर लिमिटेड के सीईओ आदित्य विज ने बताया, ‘चिकित्सा की दुनिया में नित हो रहे नये प्रयोगों के चलते हृदय प्रत्यारोपण अब पहले की तुलना में कहीं अधिक सुरक्षित है। दिल फेल होने की अंतिम अवस्था में पहुंच चुके मरीजों की चिकित्सा भी अब फोर्टिस मलार हॉस्पिटल में संभव हो गयी है। इसे देश के सर्वोत्तम चिकित्सा केंद्रों में गिना जाता है।’
डॉक्टरों की जिस टीम ने इस विशेष केंद्र की जिम्मेदारी संभाली है उनमें प्रमुख हैं - डॉ. के आर बालाकृष्णन और डॉ. सुरेश राव। ये चिकित्सक दिल फेल होने, नकली दिल लगाने और हृदय प्रत्यारोपण में माहिर हैं। इनका मानना है कि फिलहाल चेन्नई में मिलनी शुरू हुई इस विशेष सुविधा के बारे में लोगों को अधिक से अधिक जानकारी देने की जरूरत है।