चण्डीगढ़ - सन्त निरंकारी सेवादल का सत्संग और समागम की प्रबन्ध व्यवस्था में सेवा के अतिरिक्त निरंकारी मिशन द्वारा समय-समय पर प्राकृतिक विपदाओं के समय तथा अन्य समाज कल्याण से सम्बन्धित गतिविधियों में भी सेवा के लिए पूर्ण योगदान देना सेवादल का कर्तव्य है, ये जानकारी आज यहां सैक्टर 30-ऐ में स्थित सन्त निरंकारी सत्संग भवन में केन्द्र से आए सेवादल अधिकारियों की अध्यक्षता में हुए करीब 200 सेवादल अधिकारियों के दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में उप मुख्य संचालक (प्रशिक्षण) वासुदेव सिंह जी ने व्यक्त किए । इस प्रशिक्षण शिविर में चण्डीगढ़ ज़ोन के 38 युनिटों के सेवादल अधिकारियों ने हिस्सा लिया ।
इस शिविर में देहली से आए उप मुख्य संचालक (फील्ड एंड स्पैशल) ओ0 पी0 निरंकारी ने सेवादल में भर्ती से सम्बन्धित नियमों की चर्चा करते हुए सेवादल अधिकारियों को बताया कि किसी भी निरंकारी श्रद्धालु के सेवादल में भर्ती के लिए इच्छा व्यक्त करने मात्र से उसे सेवादल में भर्ती नहीं किया जाता बल्कि इसके लिए निर्धारित अन्य शर्तो जैसे कि वह शारीरिक रूप से स्वस्थ हो, किसी प्रकार का नशा आदि न करता हो, सेवा करने के लिए उसके पास समय हो आदि आदि को भी पूर्ण करना होता है। निरंकारी ने आगे कहा कि क्योंकि अनुशासन के बिना किसी भी कार्य को पूर्ण नहीं किया जा सकता इसलिए सेवादल में अनुशासन का होना बहुत जरूरी है।
इस अवसर पर देहली से आए सहायक उप मुख्य संचालक (प्रशिक्षण) शुभ करण जी ने सेवादल अधिकारियों को छोटे से छोटे और बड़े से बड़े कार्यक्रम की प्रबन्ध व्यवस्था किस प्रकार अच्छे ढंग से की जा सकती है और इसके लिए सेवादल अधिकारियों को किन-किन बातों का ध्यान रखना चाहिए के बारे में अवगत कराया। शुभ करण ने बताया कि इसके लिए समय-समय पर अधिकारियों को अपने अपने क्षेत्र में सेवादल का प्रशिक्षण शिविर लगाना चाहिए जिसमें नौजवानों द्वारा किस तरह से अपनी सेवायें निभाई जानी है के बारे में जानकारी दी जाए ।
अन्त में यहां के जोनल इंचार्ज डा0 बी0 एस0 चीमा ने केन्द्रीय सेवादल अधिकारियों के अतिरिक्त इस प्रशिक्षण शिविर में उपस्थित चण्डीगढ़ ज़ोन के संयोजक, मुखी, सेवादल अधिकारियों का भी धन्यवाद किया और समय समय पर चण्डीगढ़ में इस तरह के प्रशिक्षण शिविर लगाते रहने का भी अनुरोध किया ।
इस प्रशिक्षण शिविर में उपस्थित सभी सेवादल अधिकारियों के रहने व खान-पीने की व्यवस्था यहां के संयोजक मोहिन्द्र सिंह जी ने लोकल सेवादल के सहयोग से की, उन्होंने इस दोरान किसी सेवादल सदस्य से हुई गलती के लिए क्षमा मांगी ।