क्या किसी अभिनेत्री के हाथ में झाडू सुहाती है, वह भी खुलेआम सड़कों पर। लेकिन फिल्मी पर्दे पर शायद यह संभव भी हो,लेकिन आमतौर पर अभिनेता - अभिनेत्री, सेठों, आयकर अधिकारियों, बड़े अफसरों के घरों में झाड़ू लगाने का कार्य नौकर या नौकरानियां ही करती हैं। सुंदर हाथ न कुम्हला जाएं, ये हाथ न खाना पकाते हैं और न कपड़े धोते हैं, झाड़ू लगाने की बात तो दूर है। व्यस्त जीवनशैली, अतिव्यस्तता, समाज के प्रति जिम्मेदारी के कारण सुंदर काम करने वाले ये अतिसुंदर कोमल हाथ समय और अपने हाथ क्यों खराब करें। लेकिन जबसे अरविंद केजरीवाल ने अपने घर नहीं, घर से बाहर झाडू क्या उठाई कि फैशन ही बन गया। अखबारों में फोटो छपवाने और हैरी पार्टर की जादूगरनी के झाडू के सहारे सत्ता की सीढिय़ां चढऩे का।
ऐसे में खबर सही है कि अभिनेत्री, लेखिका व मैड आटर्स की सह संस्थापिका सविता भट्टी ने आम आदमी पार्टी व उसकी झाडू को अलविदा कह दिया है। सविता भट्टी और झाडू का साथ लगभग एक माह भी नहीं रहा। लेकिन अखबारों में फोटो तो छप ही गई। 52 वर्षीया सविता भट्टी के इंकार के बाद आम आदमी पार्टी ने युवा अभिनेत्री गुलकीरत पनाग के हाथ में झाड़ू थमा दी।
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