चंडीगढ़ - एसीसी के गागल स्थित सीमेंट प्लांट में हिमाचल प्रदेश का पहला वेस्ट हीट रिकवरी सिस्टम स्थापित किया गया है। यह ऊर्जा संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह जानकारी एसीसी लिमिटेड के ऊर्जा एवं पर्यावरण विभाग के डायरेक्टर के एन राव ने पत्रकारों को दी।
हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले में बरमाना स्थित एसीसी प्लांट में सीमेंट उत्पादन के दौरान उत्पन्न बेकार चली जानी वाली ऊष्मा को अब इस सिस्टम के जरिये काम में लाया जाता है और इससे बिजली पैदा की जाती है। इस अतिरिक्त बिजली के उत्पादन से प्लांट में इस्तेमाल होने वाली बिजली के बिल में काफी कमी आयी है।
के एन राव ने प्लांट में आयोजित एक पत्रकार वार्ता में बताया कि सीमेंट बनाने के दौरान पैदा होने वाले तापमान से बॉयलर के अंदर पानी को गर्म किया जाता है, जिससे उत्पन्न भाप से टरबाइन चलता है और फिर जेनेरेटर बिजली बनाता है। नयी स्थापित प्रणाली से प्लांट में करीब साढ़े सात मेगावाट बिजली पैदा हो रही है। इस तरह पैदा की जा रही बिजली के लिए किसी अतिरिक्त ईंधन की जरूरत नहीं पड़ती। इस बिजली के उत्पादन की लागत कम है।
एसीसी गागल प्लांट के डायरेक्टर राकेश सिन्हा ने बताया, ‘आर्थिक लाभ के अलावा इस प्रणाली से कई अन्य फायदे भी हैं। यह प्रणाली पूरी तरह से पर्यावरण के लिए सुरक्षित है और प्रदूषण को कम करती है। गागल की इस नयी प्रणाली से कार्बन डायऑक्साइड का उत्सर्जन 44 हजार टन तक कम होने की संभावना है। यह पूरी तरह से ग्रीन एनर्जी या हरित ऊर्जा है।’
गागल में वेस्ट हीट रिकवरी सिस्टम की सफल स्थापना के बाद एसीसी अपने अन्य सीमेंट प्लांट्स में भी इसी तरह की व्यवस्था करने की संभावनाएं तलाश रही है।