चंडीगढ - विश्व गुर्दा दिवस एवं अंतर्राष्ट्रीय महिला सप्ताह के अवसर पर आईवी हॉस्पिटल मोहाली की गुर्दा रोग विभाग की डायरेक्टर डॉ. राका कौशल ने आज चंडीगढ़ प्रेस क्लब में गुर्दा दान कर चुकीं करीब दर्जन भर महिलाओं को सम्मानित किया और उनके इस नेक काम के लिए न सिर्फ उनका आभार व्यक्त किया, बल्कि प्रशंसा भी की।
डॉ. राका कौशल ने बताया, ‘आंकड़े बताते हैं कि महिलाएं गुर्दा दान करने में पुरुषों से आगे हैं। और ऐसा शायद वे अपने परिवार की रक्षा के लिए करती हैं। आईवी हॉस्पिटल के रीनल साइंसेज विभाग के आंकड़ों से पता चला कि 85 प्रतिशत मामलों में महिलाओं ने ही गुर्दा दान करने में पहल की। इनमें मां, पत्नी और बहन आदि शामिल हैं।’
गुर्दा रोग सामान्य, हानिकारक परंतु इलाज से ठीक हो जाने वाले होते हैं। गुर्दों संबंधी रोग आश्चर्यजनक गति से बढ़ रहे हैं और इस महामारी जैसे रोग के लिए न सिर्फ लोगों पर बल्कि अस्पतालों की सेवाओं पर भी भारी बोझ पड़ रहा है। करीब 10 प्रतिशत लोगों में किसी न किसी रूप में गुर्दों संबंधी तकलीफ है। हर साल लाखों की संख्या में गुर्दा रोगियों की इलाज के अभाव में मृत्यु हो रही है।
आईवी हॉस्पिटल में यूरोलॉजी एवं किडनी ट्रांसप्लांट सर्जरी के डायरेक्टर डॉ. अविनाश श्रीवास्तव ने बताया कि किडनी दान करने के बाद भी महिलाएं स्वस्थ शिशु को जन्म दे सकती हैं, क्योंकि डोनर सर्जरी से रिप्रोडक्टिव अंगों पर असर नहीं पड़ता है। अब तो नयी लेप्रोस्कोपिक विधि से सर्जरी की जाती है, जिसके चलते ऑप्रेशन के बाद दर्द कम होता है, अस्पताल में कम रहना पड़ता है, मरीज जल्द अपने काम पर वापस लौट सकता है और इससे त्वचा पर निशान भी नहीं रहते।
रीनल साइंसेज विभाग के ऑपरेशंस मैनेजर संतोष सिंह ने गुर्दों संबंधी रोगों से बचाव के टिप्स देते हुए कहा कि फिट और सक्रिय रहें, वजन पर नियंत्रण रखें, ब्लड पे्रशर की नियमित जांच कराते रहें, ब्लड शुगर को काबू में रखें, धूम्रपान त्यागें, संतुलित आहार लें और अपने मन से दवाएं न खाएं।
आईवी हॉस्पिटल के सीओओ कर्नल अरविंदर सिंह ने कहा कि वल्र्ड किडनी डे का आयोजन इंटरनेशनल सोसाइटी ऑफ नेफ्रोलॉजी की ओर किया जाता है। इसका उद्देश्य है गुर्दे की देखभाल के प्रति लोगों में जागरूकता पैदा करना और इन रोगों से प्रभावित लोगों की मदद करना।