चंडीगढ़ - कंट्री फाम्र्स जीरकपुर में कल देर रात तक चले ग्रेंड फिनाले में प्रतियोगी नंबर 15, नैन्सी को फेस ऑफ द ईयर अवार्ड 2013 के खिताब से नबाजा गया। इन्हें बैस्ट पर्सनैलिटी सब-टाइटल भी मिला। सप्ताह भर चली इस प्रतिष्ठित वार्षिक प्रतियोगिता में दूसरे स्थान पर रहीं रश्मि, जबकि सुमनजीत कौर को तीसरा स्थान मिला।
सब-टाइटल श्रेणियों में सुंदर त्वचा का खिताब जीता स्मृति रतन भारद्वाज ने, तो खूबसूरत बालों का खिताब मिला सृष्टि कोहली को। खूबसूरत बदन का टाइटल मिला नीलम कौर को और सर्वश्रेष्ठ कैटवाक का खिताब मिला सुमनजीत को। इसी तरह, प्रतिमा ठाकुर को बैस्ट टेलेंट, प्राची को मिस फोटोजेनिक, नाम्या श्रॉफ को बैस्ट कॉस्ट्यूम और प्रीत कमल को खूबसूरत आंखों का खिताब मिला।
दो श्रेणियां ऐसी भी रहीं जिनमें दो-दो प्रतियोगियों को बराबर अंक मिले। इनमें सर्वश्रेष्ठ मुस्कान का अवार्ड मिला रश्मि और पूजा को, तो परफेक्ट टेन का टाइटल मनप्रीत कौर और किरन से सांझा किया।
फेस ऑफ द ईयर प्रतियोगिता का आयोजन वर्ष 2000 से एसएमसी बिज के बैनर तले होता आया है, जिसका नाम पहले स्टूडियो मॉडल क्रियेटर होता था। बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रानावत भी इस प्रतियोगिता की विजेता रह चुकी हैं। उनके अलावा ग्लैमर, मॉडलिंग व अभिनय की दुनिया के कुछ अन्य बड़े नाम भी इसी संस्था से होकर निकले हैं, जैसे कि दिव्या खोसला, अनमोल गिल, सेलिना प्रकाश, सोफी, रित्वी, अलीशा दीदी, जोआना मैगी, रीत भुल्लर और राधिका आदि।
फेस ऑफ द ईयर अवाडर््स 2013 को हिम्मत वेंचर्स ने स्पॉन्सर किया था। इसी कंपनी ने हिट पंजाबी फिल्म आरएसवीपी का निर्माण किया था। वीएलसीसी, लिबास, सिद्धार्थ अगीचा ने भी ईवेंट को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। शो का कांसेप्ट तैयार किया एसएमसी बिज के संचालक सुनील बंसल ने, जबकि मैलोन सिंह ने कोरियोग्राफी का जिम्मा लिया। संगीत दिया मनीत पॉल उर्फ डीजे पॉल ने और मंच संचालन किया नवाब साब ने।
निर्णायक मंडल में जानी-मानी हस्तियां शामिल थीं, जैसे कि संताबंता डॉट कॉम के सीईओ जेडी घई, बॉलीवुड आर्ट डायरेक्टर अनीता भाटिया, अभिनेत्री समीक्षा सिंह, अभिनेत्री इहाना ढिल्लों, वीएलसीसी की सेंटर हेड बिंदिया और दिल्ली-हांगकांग के डिजायनर सिद्धार्थ अगीचा।
प्रतियोगिता के संस्थापक एवं एसएमसी बिज के डायरेक्टर सुनील बंसल ने बताया कि इस बार देश भर से करीब 200 आवेदन मिले थे, जिनमें से 24 प्रतियोगियों को चुना गया और अंतत: इनमें से 20 को फाइनल में जाने का मौका मिला।